बेंगलुरु , जुलाई 21 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तेजस्वी सूर्या ने मंगलवार को 13,000 से अधिक योग्य मतदाताओं को बिना जरूरी भौतिक सत्यापन के गलत तरीके से स्थानांतरित करने का आरोप लगाते हुए मामले में उच्च-स्तरीय जांच की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि इन गड़बड़ियों की वजह से हजारों असली मतदाता मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
श्री तेजस्वी सूर्या ने कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनूप कुमार को दिए एक ज्ञापन में दावा किया कि बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा सीट के तहत बोम्मनहल्ली विधानसभा क्षेत्र के एचएसआर लेआउट वार्ड-174 में पांच मतदान केंद्रों पर घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी सही क्षेत्र सत्यापन के 13,000 से अधिक मतदाताओं को 'शिफ्टेड' की श्रेणी में डाल दिया गया, जिससे मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं। श्री सूर्या के अनुसार नामों को 'शिफ्टेड' के रूप में वर्गीकृत करने से पहले बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को न तो सूचित किया गया और न ही उनसे सलाह ली गई और न ही उनकी सहमति या हस्ताक्षर लिए गए, जो चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं का उल्लंघन है।
बेंगलुरु दक्षिण के सांसद ने घर-घर जाकर सत्यापन के दौरान जरूरी जियो-टैग वाली तस्वीरें और डिजिटल रिकॉर्ड नहीं लिए जाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) पड़ोसियों या स्थानीय निवासियों से यह सत्यापित कराने में नाकाम रहे कि मतदाता सच में दूसरी जगह चले गए हैं या नहीं, जबकि कई निवासियों ने शिकायत की कि सत्यापन के दौरान अधिकारी कभी उनके घर नहीं आए।
श्री सूर्या ने प्रक्रिया में उल्लंघनों से योग्य नागरिकों के मताधिकार के संवैधानिक अधिकार को खोने का वास्तविक खतरा पैदा होने का आरोप लगाया।
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