बेंगलुरु , मई 25 -- कर्नाटक के बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमतें रिकॉर्ड 110.93 रुपये प्रति लीटर तक पहुँचने के साथ ही कांग्रेस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल, डीजल,एलपीजी और सीएनजी की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी करके आम नागरिकों की "ईंधन की लूट" करने और उनकी "जेब काटने" का आरोप लगाया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कर्नाटक के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहाँ संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले 11 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार बार बढ़ाई हैं, जिससे इस दौरान दरों में 7.52 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, "आज़ाद भारत के इतिहास में बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत कभी भी 110 रुपये के पार नहीं गयी। वेतनभोगी वर्ग क्या करे? ऑटो चालक, मज़दूर, व्यापारी और गृहिणियाँ क्या करें?उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले 12 वर्षों में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के ज़रिए 43 लाख करोड़ रुपये और भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) से अतिरिक्त 14 लाख करोड़ रुपये जमा किए हैं, जिससे कुल कथित "लूट" 57 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गयी है। हर दिन होने वाली ईंधन की लूट आम आदमी और आम कन्नड़ भाषी लोगों की जेब काट रही है। उन्होंने दावा किया कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण परिवहन खर्च बढ़ने से सब्ज़ियों, फलों, दालों, आटे और अन्य ज़रूरी चीज़ों की कीमतों में भी महँगाई बढ़ेगी।
संवाददादा सम्मेलन में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार भी मौजूद थे।
इस बीच भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के हमले का जवाब देते हुए कई भाजपा -शासित राज्यों में पेट्रोल की कम कीमतों का हवाला दिया है। उनका तर्क है कि राज्य-स्तरीय वैट संरचनाएँ खुदरा ईंधन की कीमतों पर काफ़ी असर डालती हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को हुई बढ़ोतरी के बाद भी उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर के निशान से नीचे रहीं। लखनऊ और अहमदाबाद में कीमतें क्रमशः लगभग 94.7 रुपये और 94.5 रुपये प्रति लीटर थीं, जबकि गोवा में कीमतें 97 से 99 रुपये प्रति लीटर के बीच बनी रहीं। भाजपा नेताओं ने तर्क दिया है कि उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों में कम वैट दरों ने उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत कम रखने में मदद की है। वहीं दूसरी ओर, कुछ भाजपा -शासित क्षेत्रों में भी ईंधन की कीमतें ऊँची बनी हुई हैं। मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमत लगभग 107-108 रुपये प्रति लीटर है, जबकि मुंबई में यह 111.2 रुपये प्रति लीटर तक पहुँच गयी है। कांग्रेस-शासित राज्यों, बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमतें लगभग 110.9 से 111 रुपये प्रति लीटर के बीच हैं, जबकि तेलंगाना और केरल में भी कीमतें 110 से 113 रुपये प्रति लीटर के बीच देखी जा रही हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित