बेंगलुरु , मई 18 -- विदेशी नागरिकों के लिए यहां बने सरकारी निगरानी वाले शेल्टर होम में रह रही चार अफ्रीकी महिलाओं के खिड़की तोड़कर परिसर से भाग जाने का मामला सामने आया है।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह घटना 11 मई को तड़के तीन बजे से सुबह छह बजे के बीच उत्तरी बेंगलुरु के डोड्डागुब्बी में 'न्यू अर्क मिशन ऑफ इंडिया' संचालित 'होम ऑफ होप' शेल्टर होम की है और एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी उन चारों अफ्रीकी महिलाओं का कोई पता नहीं चला है।

रिपोर्टों के मुताबिक ये महिलाएं क्षेत्रीय विदेशी पंजीयन कार्यालय (एफआरआरओ) की देखरेख और निर्देशों के तहत वहां रह रही थीं।

शेल्टर होम के मैनेजर श्रीनिवास एन की दर्ज करायी शिकायत के अनुसार, इस संस्थान में 22 पुरुषों और 18 महिलाओं सहित कुल 40 विदेशी नागरिक रह रहे थे। इन्हें बेंगलुरु भर के अलग-अलग थानों से यहां लाया गया था। लापता महिलाओं की पहचान टोपिस्टा क्विकिरिजा, नगावा शीला उर्फ तिबीवा इरेना, सफीना नाकान्यिके और फिटिना न्जेइमाना के रूप में की गयी है।

पुलिस ने कहा कि महिलाएं कथित तौर पर शेल्टर होम की खिड़की को नुकसान पहुंचाकर भाग गयीं। इससे आधिकारिक निगरानी में विदेशी नागरिकों के लिए बनायी इस व्यवस्था में निगरानी और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गये हैं।

शिकायत में कहा गया है कि फरार होने की बात सामने आते ही तुरंत आंतरिक तलाशी ली गयी, लेकिन महिलाओं का कोई सुराग नहीं मिल सका। उनके ठिकाने के बारे में कोई भी जानकारी जुटाने में नाकाम रहने के बाद शेल्टर होम के प्रबंधन ने पुलिस से संपर्क किया और एक औपचारिक शिकायत दर्ज करायी। इस शिकायत के आधार पर, पुलिस ने एफआरआरओ के निर्देशों के कथित उल्लंघन और तयशुदा शेल्टर होम से अवैध रूप से भागने के लिए आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 की धारा 20 और 23 के तहत मामला दर्ज किया है।

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