चेन्नई , जुलाई 12 -- कर्नाटक के बेंगलुरु में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएम) के प्रमुख लीडरशिप सम्मेलन आईआईएमबीयूई 2026 सम्मेलन में देश के कुछ प्रभावशाली लोग शामिल होंगे और अपनी और अपनी कंपनियों की दिशा (ऑर्बिट) कैसे बदल सकते हैं, इस पर चर्चा करेंगे।

आईआईएम बैंगलोर पूर्व छात्र एसोसिएशन (आईआईएमबीए) द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय लीडरशिप सम्मेलन एक एवं दो अगस्त, 2026 को 'द लीला भारतीय सिटी', बेंगलुरु में होगा।

रविवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, "चेंजिंग द ऑर्बिट" थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में 1,500 से ज़्यादा प्रतिनिधि और दुनिया भर से नवप्रवर्तक, नीति निर्माता , उद्यमी , निवेश्कों , शिक्षणविद और पूर्व छात्र शामिल होंगे। वे विकास, नेतृत्व और बदलाव के नए रास्तों पर चर्चा करेंगे।

भारत के सबसे बड़े पूर्व छात्रों द्वारा संचालित लीडरशिप मंच में से एक के रूप में पहचाना जाने वाला आईआईएमबीयूइ एक जीवंत मंच बन गया है। यहाँ व्यापार, सरकार, स्वास्थ्य देखभाल, , प्रौद्योगिकी , वित्त , मीडिया, खेल के प्रमुख लोग एक साथ आते हैं और ऐसे विचारों का आदान-प्रदान करते हैं जो एंटरप्राइज़ और समाज के भविष्य को प्रभावित करते हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार 2026 के इस आयोजन में कई प्रभावशाली वक्ता शामिल होंगे, जिनमें टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन श्री नोएल नवल टाटा; टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ श्री सिद्धार्थ शर्मा; डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज़ के सह-अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक जी.वी. प्रसाद; माइक्रोन इंडिया के संस्थापक प्रबंध निदेशक आनंद राममूर्ति; जाने-माने राजनयिक दीपक वोहरा; मशहूर अभिनेता बोमन ईरानी और सुश्री भूमि पेडनेकर के साथ-साथ इंडस्ट्री, जन नीति और शैक्षिणक के कई अन्य प्रतिष्ठित प्रमुख शामिल हैं।

इस साल का कार्यक्रम तीन मुख्य विषयों पर केंद्रित होगा जिनमें पावर की नई जियोमेट्री - बदलती वैश्विक आर्थिक और जियोपॉलिटिकल स्थिति को समझना; 'रीडिज़ाइनिंग ट्रैजेक्टरी' - यानी संगठन कैसे खुद को नए सिरे से ढालकर मुश्किल हालात में भी टिके रह सकते हैं और मुकाबले में आगे रह सकते हैं; और 'टेक फॉर फ्यूचर ऑर्बिट्स' - यानी यह समझना कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन उद्योगों और लीडरशिप के तौर-तरीकों को बदल रहे हैं।

एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश मित्तल ने कहा: "आज बदलाव की रफ़्तार ऐसी है कि हमें ऐसे नेताओं की ज़रूरत है जो पुरानी सोच पर दोबारा विचार करने, स्थापित मॉडल्स को चुनौती देने और विकास के बिल्कुल नए रास्ते बनाने के लिए तैयार हों। सम्मेलन का मकसद ठीक इन्हीं विषयों पर बातचीत को बढ़ावा देना है।

इस अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए, 'वेंचर शोकेस' होनहार स्टार्टअप्स को निवेशकों , मेंटर्स और रणनीति साझेदारों से जोड़ेगा, जबकि सम्मेलन में पूर्व छात्रों द्वारा लिखी गई विचारोत्तेजक किताबें दिखाई जाएंगी, जिससे कॉन्फ़्रेंस के मंच से हटकर भी बातचीत के मौके बनेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित