बेंगलुरु , जुलाई 21 -- बेंगलुरु के शिवाजीनगर में मंगलवार को फुटपाथ पर अतिक्रमण को हटाते समय ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) के अधिकारियों के साथ लोगों के एक समूह ने कथित रूप से मारपीट की जिसके बाद सात लोगों को हिरासत में लिया गया।
यह हमला एक व्यस्त वाणिज्यिक इलाके में अतिक्रमण-विरोधी अभियान के दौरान हुआ जहां जीबीए के कर्मचारी फुटपाथ पर किए गए अवैध कब्ज़ों को हटाने के निर्देशों का पालन कर रहे थे। आरोप है कि अधिकारियों पर ड्यूटी निभाते समय हमला किया गया।
इसके बाद पुलिस ने इस घटना में कथित रुप से शामिल सात लोगों को हिरासत में लिया। सहायक कार्यकारी अभियंता माधव राव की शिकायत के आधार पर कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में एफाईआर दर्ज की गई।
बेंगलुरु पूर्व डिवीज़न के पुलिस उपायुक्त विक्रम आमटे ने कहा कि एक विशेष जांच दल इस मामले की जांच करेगी।
श्री आमटे ने कहा, "किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस भविष्य में कार्रवाई के दौरान सुरक्षा की मांग करने वाले जीबीए अधिकारियों के अनुरोध पर भी विचार करेगी।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, ग्रेटर बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने हमले की निंदा की और हमलावरों को असामाजिक तत्व करार दिया। उन्होंने कहा कि वे अपनी रोज़ी-रोटी कमाने की कोशिश कर रहे गरीब लोग नहीं थे।
मंत्री ने कहा, "ये अपनी रोज़ी-रोटी के लिए कड़ी मेहनत करने वाले गरीब लोग नहीं हैं। ये असामाजिक तत्व हैं। सरकारी प्रतिनिधियों पर उनकी ड्यूटी के दौरान हमला करने वाले किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा।"सरकारी कर्मचारियों पर हमले को कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए श्री गौड़ा ने कहा कि अधिकारी उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को लागू कर रहे थे और उन्हें पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए।
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