नयी दिल्ली , जुलाई 24 -- भारत की बूमरेंग टीम विश्व खेल मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 25 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक इंडोनेशिया के बडुंग में आयोजित होने वाली वर्ल्ड बूमरेंग चैंपियनशिप 2026 में हिस्सा लेने जा रही भारतीय टीम ने आज प्रस्थान से पूर्व भारतीय जनता पार्टी के सांसद जगन्नाथ सरकार से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्राप्त कीं।
यह केवल एक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपरा के वैश्विक प्रतिनिधित्व का भी अवसर है। बूमरेंग का इतिहास मूल रूप से जनजातीय समाज से जुड़ा रहा है और भारतीय टीम में शामिल आठ खिलाड़ियों में चार खिलाड़ी आदिवासी समाज से हैं। इनमें पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार निवासी भगवान दास टोप्पो विशेष आकर्षण का केंद्र हैं, जिनकी उपलब्धि देश के जनजातीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
इस अवसर पर इंडो बूमरेंग एसोसिएशन के चेयरमैन नितिन खरबंदा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के दौरान बूमरेंग खेल का आकर्षक प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) भी आयोजित किया गया, जिसने उपस्थित खेल प्रेमियों और अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।
समारोह में एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक मॉन्ट्रूज, डॉ. असित, उपाध्यक्ष शुभांशु सिंह, सहित अनेक पदाधिकारी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने भारतीय दल को विश्व प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाएगी।
भारतीय टीम में भगवान दास टोप्पो, भावना त्यागी, जय सिंह यादव, यश शुक्ला, बाला सुब्रह्मण्यम, प्रभाकरन और हरिओम सूर्यवंशी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके अतिरिक्त टीम में प्रबंधन की जिम्मेदारी लक्ष्मण पुरस्कार से सम्मानित रविकांत मिश्रा निभाएंगे।
उल्लेखनीय है कि इस प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप में लगभग 24 देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। ऐसे में भारतीय टीम के सामने वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी तकनीकी दक्षता, अनुशासन और खेल कौशल का प्रदर्शन करने का सुनहरा अवसर होगा।
भारतीय बूमरेंग टीम की यह यात्रा केवल पदक जीतने का अभियान नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि पारंपरिक और जनजातीय खेलों को यदि उचित मंच और प्रोत्साहन मिले तो वे विश्व खेल जगत में भारत की नई पहचान बन सकते हैं। देशभर के खेल प्रेमियों की निगाहें अब इंडोनेशिया में होने वाली इस विश्व स्पर्धा पर टिकी हैं, जहाँ भारतीय खिलाड़ी तिरंगे की शान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का संकल्प लेकर रवाना हुए हैं।
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