बूंदी , सितम्बर 19 -- राजस्थान सरकार ने बूंदी में सिजेरियन प्रसव के बाद दो प्रसूताओं की मृत्यु के मामलों को गंभीरता से लेते हुए दोनों मामलों की विस्तृत जांच के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोटा के स्तर पर चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी लक्ष्मीनारायण मीना ने बताया कि समिति को दोनों प्रकरणों की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि उपलब्ध चिकित्सकीय रिकॉर्ड के अनुसार एक प्रकरण में प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति सामने आयी। रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए बैलून टैम्पोनाड, दवाइयों एवं रक्त आधान सहित आवश्यक उपचार किया गया। स्थिति नियंत्रित नहीं होने तथा उच्च स्तरीय उपचार की आवश्यकता को देखते हुए प्रसूता को उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया।
उन्होंने बताया कि दूसरे प्रकरण में सिजेरियन प्रसव के बाद प्रसूता को सांस लेने में तकलीफ की स्थिति सामने आयी। चिकित्सकीय परीक्षण एवं आवश्यक उपचार के बाद स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया। रेफरल के बाद 17 सितम्बर को कोटा में प्रसूता की मृत्यु होने का उल्लेख रिकॉर्ड में है। दोनों मामलों में मृत्यु के अंतिम चिकित्सकीय कारणों का निर्धारण जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर किया जायेगा।
श्री मीना ने बताया कि सिलोर, बूंदी निवासी वर्षा सेन की गर्भावस्था के दौरान उपस्वास्थ्य केन्द्र सिलोर पर नियमित एएनसी जांच की गयी थीं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उनकी चार एएनसी जांच गत 19 फरवरी, 16 अप्रैल, 25 जून एवं 20 अगस्त को हुई थीं।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार गत 15 सितम्बर को सामान्य चिकित्सालय, बूंदी में प्रसूता को भर्ती किया गया। चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार उनकी गर्भावस्था करीब साढ़े आठ महीने की थी तथा बच्चे की स्थिति ट्रांसवर्स होने के कारण सिजेरियन प्रसव का निर्णय लिया गया। सिजेरियन के बाद प्रसूता ने करीब 2.800 किलोग्राम वजन की बच्ची को जन्म दिया तथा उन्हें पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में शिफ्ट किया गया।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन के बाद प्रसूता की स्थिति की निगरानी की गयी। बाद में उनकी स्थिति में जटिलता उत्पन्न होने पर ऑन-ड्यूटी चिकित्सक द्वारा परीक्षण एवं आवश्यक उपचार किया गया। स्थिति के मद्देनजर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया गया। रेफरल के बाद 17 सितम्बर को कोटा में प्रसूता की मृत्यु हो गयी।
उन्होंने बताया कि दूसरे प्रकरण में प्रसूता को गत 16 सितम्बर को सामान्य चिकित्सालय बूंदी में भर्ती किया गया था। प्रसव के बाद करीब 12:12 बजे उन्होंने 2.280 किलोग्राम वजन के बच्चे को जन्म दिया। बाद में करीब 3:40 बजे प्रसूता में वेजाइनल ब्लीडिंग की स्थिति सामने आयी। ऑन-ड्यूटी चिकित्सक ने तत्काल उपचार शुरू किया तथा पीपीएच के प्रबंधन के लिए बैलून टैम्पोनाड, दवाइयां एवं रक्त आधान किया गया। रक्तस्राव नियंत्रित नहीं होने तथा एचडीयू/आईसीयू की उपलब्धता नहीं होने के कारण प्रसूता को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया। रेफरल से पूर्व एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया ।
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