नयी दिल्ली , अक्टूबर 23 -- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि उनकी सरकार राजमार्गों, ग्रीन एक्सप्रेसवे, बंदरगाहों और जलमार्गों का विस्तार करने के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों तथा वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा दे रही है जिससे माल ढुलाई की लागत कम हो, निवेश को बढ़ावा मिले और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सके।
श्री गडकरी ने शुक्रवार को यहां पेशेवर सेवा देने वाली कंपनी केपीएमजी इन इंडिया द्वारा 'अग्रसर भारत : आकांक्षाओं को कार्रवाई में बदलना' रिपोर्ट जारी किए जाने के अवसर पर आयोजित समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से बुनियादी ढांचे के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है। केपीएमजी इन इंडिया की रिपोर्ट में 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए वैश्विक बदलावों के अनुरूप निर्णय लेने, रणनीतिक क्षेत्रों में क्षमता बढ़ाने और योजनाओं के परिणामों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
श्री गडकरी ने कहा कि बेहतर सड़क, परिवहन, जलमार्ग, बिजली और संचार सुविधाएं उद्योग, व्यापार तथा कृषि के विकास के लिए जरूरी हैं। उनका कहना था कि बुनियादी ढांचे के विकास का ही परिणाम है कि दिल्ली-देहरादून की यात्रा में लगने वाला समय घटकर दो घंटे रह गया है जबकि दिल्ली-मेरठ की दूरी अब करीब 50 मिनट में तय की जा सकती है। राजमार्गों और ग्रीन एक्सप्रेसवे के जरिये औद्योगिक क्षेत्रों तथा प्रमुख बंदरगाहों को जोड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि बेहतर सड़क संपर्क के कारण देश की लॉजिस्टिक्स लागत घटकर करीब नौ प्रतिशत रह गयी है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कहा कि दिल्ली-देहरादून की यात्रा में पहले आठ से नौ घंटे लगते थे जो अब घटकर दो घंटे रह गयी है। इसी तरह दिल्ली-मेरठ की दूरी अब करीब 50 मिनट में तय की जा सकती है। सरकार नये राजमार्गों और ग्रीन एक्सप्रेसवे के जरिये औद्योगिक क्षेत्रों तथा प्रमुख बंदरगाहों को जोड़ रही है। सागरमाला परियोजना के माध्यम से बंदरगाहों के विकास और उनकी क्षमता बढ़ाने पर काम किया गया है। जलमार्गों के विकास से माल ढुलाई की लागत कम करने में मदद मिल रही है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण देश की लॉजिस्टिक्स लागत घटकर करीब नौ प्रतिशत रह गयी है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन, इथेनॉल, बायोडीजल, मेथनॉल और हाइड्रोजन जैसे वैकल्पिक ईंधनों के विकास के साथ लिथियम-आयन बैटरी और अन्य आधुनिक तकनीकों पर भी काम हो रहा है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हो रही है।
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