पटना , जुलाई 14 -- बिहार में वैशाली के बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप को और बेहतर तरीके से चलाने और इसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए गठित समिति की पहली बैठक मंगलवार को संपन्न हुई। मुख्य सचिवालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने की। इसमें नवंबर-दिसंबर 2026 में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव आयोजित करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। दुनिया भर से बौद्ध भिक्षु और श्रद्धालु इस कार्यक्रम में वैशाली पहुंचेंगे।

अक्टूबर 2025 से आम लोगों के लिए खोला गया यह परिसर मई 2026 से सशुल्क हो गया है। अभी रोजाना औसतन 2500 पर्यटक यहां घूमने आ रहे हैं।

बैठक में विकास आयुक्त ने निर्देश दिये कि पर्यटकों की संख्या और बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि समिति का रजिस्ट्रेशन सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत कराया जाएगा। इस काम की जिम्मेदारी संग्रहालय के अपर निदेशक डॉ. विमल तिवारी को सौंपी गई है।

बैठक में कला एवं संस्कृति सह भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, वित्त विभाग की सचिव श्रीमती रचना पाटिल, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अनिमेष पाराशर, वैशाली जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह, बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति की सचिव श्रीमती महाश्वेता महारथी, बिहार संग्रहालय निदेशक कृष्ण कुमार, बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप वैशाली के अपर निदेशक डॉ. विमल तिवारी सहित ऊर्जा विभाग, पर्यटन विभाग तथा प्रमंडलीय आयुक्त, तिरहुत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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