चंडीगढ़ , फरवरी 26 -- पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने गुरुवार को 'पंजाब शिक्षा क्रांति' के अंतर्गत 400 करोड़ रुपये के विशाल डिजिटलीकरण प्रोजेक्ट की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार ने एक अभूतपूर्व परिवर्तन शुरू किया है, जो सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करेगा और पंजाब भर में कक्षा शिक्षण को मौलिक रूप से नयी परिभाषा देगा।

शिक्षा मंत्री बैंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पुराने हार्डवेयर और पुराने कंप्यूटर सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी, हाई और मिडिल स्कूल नवीनतम डिजिटल बुनियादी ढांचे से लैस हों। उन्होंने कहा कि 5,012 सरकारी स्कूलों में नवीनतम सॉफ्टवेयर से लैस 38,649 नये डेस्कटॉप कंप्यूटर लगाये जा रहे हैं। ये सभी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों के साथ-साथ 50 प्रतिशत मिडिल स्कूलों में वितरित किये जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पांच हजार सरकारी स्कूलों में समर्पित कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी, जिससे सभी माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक सरकारी स्कूलों मेंपूरी तरह से कार्यशील लैब सुनिश्चित होगी। इंटरएक्टिव लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए 3,694 स्कूलों में 8,268 इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल (आइएफपी) लगायेजा रहे हैं। छात्र संख्या के आधार पर बड़े स्कूलों को चार, पांच या आठ यूनिट तक दी जाएंगी।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कार्यान्वयन शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, " स्कूलों में डिलीवरी आज से ही शुरू हो गयी है। 20 मार्च तक पंजाब के हर जिले केहर स्कूल को उनके नये उपकरण मिल जाएंगे। "उन्होंने कहा कि स्कूल प्रमुखों को 21 फरवरी से 20 मार्च के बीच स्कूल स्तर पर 'अनबॉक्सिंग सेलिब्रेशन' कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।

शिक्षक पात्रता परीक्षा योग्यता के संबंध में एक सवाल का जवाब देते हुए श्री बैंस ने कहा, " मैं हर शिक्षक को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपकी नौकरी सुरक्षित है। कोई भी अपनी नौकरी नहीं खोएगा।" उन्होंने कहा कि वह उन अनुभवी शिक्षकों की चिंता समझते हैं, जो 20-25 वर्षों से सेवा कर रहे हैं और इसके लिए कानूनी समाधान तलाशे जा रहे हैं।

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