रायपुर , सितंबर 25 -- छत्तीसगढ़ में दिसंबर में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव से पहले राजधानी रायपुर से लगे बीरगांव नगर निगम के सभी 40 वार्डों का आरक्षण तय कर दिया गया है। नए परिसीमन के बाद वार्डों का आरक्षण नए सिरे से होने से मौजूदा पार्षदों और विभिन्न राजनीतिक दलों के दावेदारों के चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव आया है।

जारी आरक्षण के अनुसार बीरगांव नगर निगम के 40 वार्डों में 13 ओबीसी, 5 एससी, 2 एसटी और 20 सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं। इनमें कुल 14 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। एससी-एसटी वर्ग के लिए कुल 7 वार्ड आरक्षित किए गए हैं, जबकि ओबीसी और ओबीसी महिला वर्ग के लिए भी अलग-अलग वार्ड निर्धारित किए गए हैं।

नए परिसीमन और आरक्षण के कारण पिछले चुनाव में अपने वार्ड से जीतने वाले कई पार्षदों के लिए इस बार उसी क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ने की स्थिति बदल गई है। ऐसे में कुछ मौजूदा पार्षदों और दावेदारों को नया वार्ड तलाशना पड़ सकता है, वहीं आरक्षण में बदलाव से नए चेहरों के लिए भी चुनावी मैदान में उतरने के अवसर बनेंगे।

बीरगांव में महापौर का पद महिला के लिए आरक्षित है। इसके चलते राजनीतिक दलों के सामने पार्षद प्रत्याशियों के चयन के साथ महापौर पद के लिए प्रभावी महिला चेहरों की तलाश भी महत्वपूर्ण होगी। महिला आरक्षित वार्डों में स्थानीय स्तर पर सक्रिय और राजनीतिक पकड़ रखने वाली महिला दावेदारों की भूमिका बढ़ने की संभावना है।

पिछले नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 19, भाजपा के 10, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के 5 और निर्दलीय 6 पार्षद निर्वाचित हुए थे। बाद में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से नंदलाल देवांगन महापौर बने थे। इस बार परिसीमन और आरक्षण में बदलाव के कारण पिछले चुनाव के कई मुकाबलों के पुराने स्वरूप में दोहराए जाने की संभावना कम हो गई है।

आरक्षण तय होने के बाद राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशी चयन में मुख्य रूप से यह देखना होगा कि कौन मौजूदा वार्ड से चुनाव लड़ सकता है, किन दावेदारों को दूसरे वार्ड में भेजा जा सकता है और महिला आरक्षित वार्डों में किन चेहरों को मौका दिया जाए। महापौर पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारण पार्षद प्रत्याशियों के चयन में संभावित महापौर दावेदारों का समीकरण भी महत्वपूर्ण रहेगा।

बीरगांव का चुनाव प्रदेश में दिसंबर में होने वाले व्यापक नगरीय निकाय चुनाव का हिस्सा है। बीरगांव के साथ भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरौदा नगर निगम में भी चुनाव होने हैं। इसके अतिरिक्त 5 नगरपालिका परिषद और 6 नगर पंचायतों में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। इस तरह दिसंबर में प्रदेश के कुल 15 नगरीय निकायों में चुनाव होंगे।

इन 15 निकायों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा हो रहा है। इसके साथ नवगठित तमनार और बड़ी करेली नगर पंचायत में पहली बार आम चुनाव कराया जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार 15 निकायों में महापौर और अध्यक्ष पदों की आरक्षण प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है, जबकि वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया इसके बाद आगे बढ़ाई गई। बीरगांव में अब यह प्रक्रिया पूरी हो गई है।

दिसंबर में चुनाव वाले चार नगर निगमों में कुल 230 वार्ड हैं। इनमें 76 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। बीरगांव में महापौर पद और 14 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होने के कारण यहां प्रत्याशी चयन और राजनीतिक दलों की चुनावी रणनीति में महिला नेतृत्व की भूमिका प्रमुख रहने वाली है।

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