बालोद , जनवरी 31 -- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बीमा राशि हड़पने और ट्रक की किस्त से बचने के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश का पुलिस ने आज पर्दाफाश किया है। ट्रक मालिक ने पहले अपना ही ट्रक नागपुर के एक ट्रांसपोर्टर को बेच दिया और बाद में थाने में उसकी चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने दो बेटों सहित पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मामला 26 जनवरी 2026 का है। डौंडी नगर के वार्ड क्रमांक 13, राम मंदिर वार्ड निवासी नरेन्द्र जायसवाल ने डौंडी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका टाटा कंपनी का ट्रक,जिसकी अनुमानित कीमत करीब 48 लाख रुपए है, चोरी हो गया है। यह ट्रक शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल सप्लाई के कार्य में लगा हुआ था।
शिकायतकर्ता के अनुसार 22 जनवरी की रात करीब 9 बजे उसके छोटे भाई मनेंद्र जायसवाल ने ट्रक को तन्ना पेट्रोल पंप में खड़ा किया था और वहां मौजूद नाइट ड्यूटी कर्मी को इसकी सूचना दी गई थी। 26 जनवरी की सुबह जब ट्रक देखने पहुंचे तो वह वहां मौजूद नहीं था, जिसके बाद चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
एफआईआर दर्ज होने के बाद बालोद पुलिस की साइबर टीम ने डौंडी, दल्लीराजहरा, देवरी और राजनांदगांव मार्गों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की जांच की। जांच की कड़ी नागपुर तक पहुंची, जहां ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में उक्त ट्रक खड़ा मिला।
दल्लीराजहरा सीएसपी विकास पाटले ने आज बताया कि नरेन्द्र और मनेंद्र जायसवाल ने एक दलाल के माध्यम से नागपुर के एक ट्रांसपोर्टर से सौदा तय किया था। इसके बाद पेट्रोल पंप के सामने से ट्रक उठाकर उसका जीपीएस बंद कर रातों-रात नागपुर ले जाया गया। वहां ट्रक को 10 लाख रुपए के चेक के बदले सौंप दिया गया, जबकि शेष राशि मिलने पर कागजात देने की बात कही गई थी।
जब पुलिस नागपुर पहुंची तो ट्रांसपोर्टर ने 10 लाख रुपए में ट्रक खरीदने की पुष्टि की। इसके बाद साइबर टीम ने ट्रक को जब्त कर डौंडी लाया। पुलिस को गुमराह कर झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में नरेन्द्र जायसवाल, मनेंद्र जायसवाल और उनके पिता लखनलाल जायसवाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
आरोपियों के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
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