मुंबई , जुलाई 14 -- भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने अपने देशभर के खुदरा आउटलेट (आरओ) नेटवर्क में ईंधन गुणवत्ता की निगरानी को और सख्त किया है।

व्यापक निरीक्षण एवं परीक्षण अभियान की पूरी अवधि के दौरान मिलावट, संदूषण, गंभीर अनियमितताओं या अनुपालन संबंधी चूकों का कोई भी मामला सामने नहीं आया।

बीपीसीएल ने मंगलवार को यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि गुणवत्ता आश्वासन प्रक्रिया इसलिए की गयी ताकि निर्धारित ईंधन विनिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके और ईंधन की गुणवत्ता पर ग्राहकों का भरोसा बढ़ाया जा सके।

बीपीसीएल के जमीनी स्तर के अधिकारियों ने तीन जुलाई से 13 जुलाई, 2026 के बीच सभी राज्य कार्यालयों के अंतर्गत आने वाले खुदरा आउटलेटों पर 932 आकस्मिक निरीक्षण किये। इसके अलावा, गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठ ने 111 निरीक्षण किये, जिनमें से 17 रिटेल आउटलेट से ईंधन के नमूने विस्तृत गुणवत्ता मूल्यांकन के लिए एकत्रित किये गये।

कंपनी के गुणवत्ता आश्वासन विभाग ने भी निगरानी अभियान के अंतर्गत अपने मोबाइल प्रयोगशाला नेटवर्क के माध्यम से 50 आकस्मिक नमूना संग्रह एवं स्थल परीक्षण किया।

बीपीसीएल ने कहा, "पूरी आपूर्ति श्रृंखला में ईंधन की गुणवत्ता के मानकों को लगातार बनाए रखना उपभोक्ताओं के विश्वास एवं वाहनों के कुशल प्रदर्शन के लिए आवश्यक है। नियमित निगरानी एवं वैज्ञानिक परीक्षण ईंधन की गुणवत्ता एवं शुद्धता की रक्षा करने में मदद करते हैं।"बीपीसीएल ने कहा कि कंपनी ईंधन वितरण श्रृंखला के विभिन्न चरणों में अनुपालन का सत्यापन करने के लिए क्षेत्रीय निरीक्षण, आकस्मिक जांच, प्रयोगशाला परीक्षण, मोबाइल प्रयोगशाला निगरानी तथा निरंतर पर्यवेक्षण को शामिल करने वाले बहु-स्तरीय गुणवत्ता संरचना का पालन करती है। हालिया अभ्यास ने उसकी गुणवत्ता निगरानी प्रणालियों की प्रभावशीलता की पुनः पुष्टि की है और यह उसके खुदरा आउटलेट नेटवर्क में सक्रिय गुणवत्ता आश्वासन पर उसके निरंतर ध्यान को दर्शाता है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित