नयी दिल्ली , जनवरी 29 -- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवार को आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि पिछले पाँच वर्षों के दौरान कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में औसत वार्षिक विकास दर स्थिर मूल्यों पर 4.4 प्रतिशत रही है, जो वैश्विक औसत से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2016 से 2025 के दौरान कृषि क्षेत्र की दशकीय वृद्धि दर 4.45 प्रतिशत रही है, जो पिछले दशकों की तुलना में सर्वाधिक है।

यहां जारी एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है।

विज्ञप्ति में उनके हवाले से कहा गया कि सर्वेक्षण के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश कृषि और ग्रामीण विकास- दोनों मोर्चों पर अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भी कृषि क्षेत्र ने 3.5 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। इससे इस क्षेत्र की मजबूती और स्थिरता का पता चलता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साल 2024-25 में खाद्यान्न पैदावार 35.77 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गयी। यह वृद्धि मुख्य रूप से धान, गेहूं, मक्का और मोटे अनाज (श्री अन्न) की बेहतर पैदावार के कारण संभव हुई है।

श्री चौहान ने कहा कि सर्वेक्षण से पता चला है कि बागवानी क्षेत्र सबसे विकसित क्षेत्र के रूप में उभरा है। बागवानी पैदावार साल 2013-14 के 28 करोड़ टन से बढ़कर 2024-25 में 36.77 करोड़ टन तक पहुँच गयी है। इस दशक में फलों की पैदावार 11.45 करोड़ टन, सब्जियां 21.96 करोड़ टन तथा अन्य बागवानी फसलों की पैदावार 3.35 करोड़ टन के आसपास रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे बड़ा प्याज की पैदावार वाला देश बन चुका है और वैश्विक प्याज की पैदावार में लगभग 25 प्रतिशत का योगदान देता है। इसके साथ ही सब्जियों, फलों और आलू की पैदावार में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।

ग्रामीण विकास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि सड़कों, आवास, पेयजल और डिजिटल संपर्क सहित ग्रामीण आधारभूत ढांचे में जबरदस्त प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 99.6 प्रतिशत से अधिक पात्र बसावट को हर मौसम में चलने वाली सड़कों से जोड़ा जा चुका है।

उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई की विभिन्न चरणों की योजनाओं के तहत लाखों किलोमीटर सड़कों और हजारों पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। पीएमजीएसवाई-4 के अंतर्गत 10,000 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश के लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'सभी के लिए आवास' के लक्ष्य के तहत पिछले 11 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 3.70 करोड़ पक्के मकान बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 4.14 करोड़ घरों का लक्ष्य है, जिनमें से अधिकांश को स्वीकृति मिल चुकी है।

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