नयी दिल्ली , अगस्त 23 -- विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) की अध्यक्ष खुनिंघ पटामा लीस्वाडट्राकुल ने नयी दिल्ली में विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप की मेजबानी की सराहना करते हुए कहा, ''नई दिल्ली ने हमें क्या शानदार हफ़्ता दिया है। भारत ने इस पल का 17 साल तक इंतज़ार किया और हर साल का सही इस्तेमाल किया।''खुनिंघ पटामा लीस्वाडट्राकुल ने अपने संदेश में कहा, ''वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 की हर तरफ़ तारीफ़ हुई है। यह तारीफ़ उन लोगों की है जिन्होंने इसे मुमकिन बनाया, और मैं उनके नाम लेना चाहूंगी।'' बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया ने इस चैंपियनशिप की मेज़बानी की और कई महीनों तक, पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तक, सब कुछ संभाले रखा। भारत सरकार को इस इवेंट पर भरोसा था। युवा मामले और खेल मंत्रालय ने इसे आगे बढ़ाया। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने स्टेडियम तैयार करके दिया। उस स्टेडियम की तो अलग से तारीफ़ होनी चाहिए। बहुत कम समय में, भारत ने बैडमिंटन के सबसे बड़े मंच के लायक एक शानदार स्टेडियम बनाया।

उन्होंने कहा, ''हमारे वॉलंटियर्स ने खुशी-खुशी अपना बहुत सारा समय दिया। हमारे टेक्निकल अधिकारियों ने लंबे समय तक शांति और गर्व के साथ, पूरी प्रोफेशनलिज़्म से काम किया। उन्होंने जो काम किया, उसमें से ज़्यादातर कैमरे की नज़र से दूर हुआ, और उनके बिना यह सब मुमकिन नहीं हो पाता। हमारे स्पॉन्सर्स और पार्टनर्स का दिल से शुक्रिया। उन्होंने इन चैंपियनशिप पर तब भरोसा किया जब किसी को पता भी नहीं था कि ये कैसी होंगी। बैडमिंटन इसी भरोसे पर टिका है।''खुनिंघ पटामा लीस्वाडट्राकुल ने कहा, ''शुरुआत से लेकर फ़ाइनल मैच तक, शेड्यूल का पालन हुआ और मुक़ाबला सबसे ऊँचे इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के मुताबिक़ हुआ। हर रैली के पीछे, हमारी ईमानदारी का काम चुपचाप चलता रहा, जैसा कि होना चाहिए। हमारे ब्रॉडकास्टर्स की वजह से, इस हफ़्ते का रोमांच करोड़ों घरों तक पहुँचा। खिलाड़ियों का ध्यान सबसे पहले रखा गया, और यह साफ़ दिखा। अच्छे होटल, भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट और ऐसी सुविधाएँ जहाँ वे शांति से तैयारी कर सकें। खिलाड़ियों और टीम के अधिकारियों ने हमारे कोर्ट, माहौल और आस-पास की हर चीज़ की तारीफ़ की। यह सबसे ज़्यादा मायने रखता है। हमारे सभी चैंपियंस को पहले से ही बधाई। पूरे हफ़्ते आपका प्रदर्शन शानदार रहा। और हमारे रनर-अप्स के लिए, और उन सभी के लिए जिन्होंने इन चैंपियनशिप की कुछ बेहतरीन कहानियाँ बनाने में मदद की, एक खास बात।

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