नयी दिल्ली , सितंबर 10 -- केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीज और कीटनाशक प्रबंधन से जुड़े विषयों पर किसानों और अन्य हितधारकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के मद्देनजर गुरुवार को यहां किसान संगठनों के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू की।गौरतलब है कि बीज एवं कीटनाशकों के संबंध में नये कानून के मसौदे वर्षों से लंबित हैं। सरकार इन पर उद्योग, बाजार, स्वास्थ्य, पर्यावरण तथा किसानों के हितों के समन्वय बिठाने का प्रयास कर रही है।
किसान संगठनों के साथ अपने कार्यालय में हुई बैठक के बाद श्री चौहान ने संवाददाताओं से कहा कि बीज विधेयक और कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 के मसौदे पर आज 20 किसान संगठनों से विचार-विमर्श किया गया। विचार- विमर्श की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और सरकार हर संगठन और किसान के सुझाव पर गौर करेगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधितों से सुझाव मिलने के बाद उन पर विचार किया जायेगा और किसानों तथा देश हित में जो भी फैसला होगा, उस पर अमल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर सुझाव लेने की अभी कोई समय सीमा तय नहीं की गयी है। ये बहुत गंभीर विषय हैं, इसलिए जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया जायेगा। उनका मानना है कि जो भी काम किये जायें, वे प्रभावी हों और किसानों के हित में हों।
कृषि मंत्री ने बाजार में मिलने वाले नकली एवं घटिया बीजों और कीटनाशकों को किसानों के लिए बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि सरकार इसको लेकर बहुत गंभीर है और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए ही इस पर ठोस कदम उठाया जायेगा।
श्री चौहान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यावधि चुनाव जीतने पर सभी वयस्कों को 5000 डाॅलर देने संबंधी घोषणा और इसकी तुलना उनके मुख्यमंत्रित्व काल में घोषित की गयी लाडली बहनी योजना से करने को लेकर पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्होंने आधी आबादी को आर्थिक रूप में मजबूत करने के इरादे से महिलाओं की आर्थिक मदद करने का एलान किया था। अब श्री ट्रंप क्या घोषणा कर रहे हैं, उस पर उन्हें कुछ नहीं कहना है।
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