कोलकाता , दिसंबर 13 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को अर्जेंटीना के फुटबॉल आइकन लियोनेल मैसी के कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में हुई अराजकता के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने उनकी इस्तीफा की मांग की और प्रभावित प्रशंसकों को टिकटों की पूरी राशि वापस करने की मांग की।

विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने उच्च-स्तरीय कार्यक्रम में हुई गड़बड़ी को "पश्चिम बंगाल के गौरव पर आपराधिक हमला" और "उत्साही फुटबॉल प्रेमियों के साथ विश्वासघात" करार दिया।

राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि यह घटना शासन और जवाबदेही की पूरी तरह से विफलता को दर्शाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ-साथ खेल मंत्री अरुप बिस्वास, अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस और कार्यक्रम आयोजक शतद्रु दत्ता के इस्तीफे की मांग की। हालांकि, घटना के तुरंत बाद दत्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने आगे मांग की कि सभी दर्शकों जिन्होंने टिकट खरीदे थे, उन्हें पूरी राशि वापस की जाए, और इस घटना को फुटबॉल प्रशंसकों के लिए अक्षम्य अपमान करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर श्री अधिकारी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि कार्यक्रम को "लूट का उत्सव" बना दिया गया।

श्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर कलकत्ता हाईकोर्ट के एक कार्यरत न्यायाधीश के नेतृत्व में स्वतंत्र जांच की मांग की है।

केंद्रीय मंत्री और भाजपा राज्य अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी टीएमसी सरकार पर निशाना साधा और भ्रष्टाचार तथा टिकटों की कालाबाजारी के आरोप लगाए। श्री मजूमदार ने दावा किया कि युवा भारती क्रीड़ांगन में भारी रकम चुकाकर आए हजारों खेल प्रेमी "तृणमूल कार्यकर्ताओं के अराजक और बर्बर व्यवहार" तथा पुलिस और प्रशासन की घोर विफलता के कारण निराश होकर लौटे।

टीएमसी प्रवक्ता देवांशु भट्टाचार्य ने पार्टी के रुख को दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार या तृणमूल कांग्रेस का आयोजन में कोई भूमिका नहीं थी।

घटना पर खेद जताते हुए उन्होंने कहा, "पूरी जिम्मेदारी निजी आयोजकों की थी। राज्य सरकार या तृणमूल कांग्रेस पूरे प्रक्रिया में शामिल नहीं थे। मैं पुलिस से भी अनुरोध करूंगा कि स्टेडियम के अंदर नारे लगाने वालों की जांच करे।"श्री मैसी की स्टेडियम में संक्षिप्त उपस्थिति ने प्रशंसकों में गुस्सा भड़का दिया, जिसके कारण तोड़फोड़ हुई। स्टैंड से बोतलें और कुर्सियां फेंकी गईं और दर्शक मैदान पर धावा बोलने की कोशिश में बैरिकेड तोड़ने लगे।

प्रशंसकों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम वीआईपी तमाशे में बदल गया, जिसमें फुटबॉल स्टार को अभिनेताओं और राजनीतिक नेताओं ने घेर रखा था, जिससे 4,000 रुपये से 25,000 रुपये तक की टिकट कीमत चुकाने वाले दर्शक निराश रह गए।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बाद में प्रशंसकों से माफी मांगी और घटना की उच्च-स्तरीय जांच की घोषणा की। पुलिस ने कहा कि आयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया है और दर्शकों को टिकट रिफंड जारी किया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित