भुवनेश्वर , मार्च 30 -- ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे की दिग्गज नेता बीजू पटनायक के खिलाफ की गई 'अपमानजनक' टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है।
श्री पटनायक ने राज्य विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए श्री दुबे की टिप्पणियों पर हैरानी जताई और कहा कि ऐसे बयान स्वीकार करने योग्य नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि बीजू पटनायक जैसी सम्मानित हस्ती के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए श्री दुबे को 'मानसिक डॉक्टर से इलाज की जरूरत' है।
ऐतिहासिक घटनाओं को याद करते हुए, श्री पटनायक ने भारत-चीन युद्ध के समय का जिक्र किया और बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने नयी दिल्ली में अपने कार्यालय के बगल में बीजू पटनायक के लिए एक दफ्तर बनाया था, जो उस समय ओडिशा के मुख्यमंत्री थे। यह संघर्ष के दौरान रणनीति और तालमेल में मदद के लिए बीजू पटनायक पर दिखाए गए भरोसे को दर्शाता था।
विवाद तब शुरू हुआ जब श्री दुबे ने आरोप लगाया कि श्री नेहरू ने 1962 का युद्ध अमेरिकी आर्थिक मदद और सीआईए एजेंटों के तालमेल से लड़ा था। उन्होंने दावा किया कि श्री पटनायक ने श्री नेहरू, अमेरिका और सीआईए के बीच एक बिचौलिए के रूप में काम किया था।
श्री दुबे ने नेहरू द्वारा लिखे गए दो कथित पत्रों का भी हवाला दिया और सुझाव दिया कि बीजू पटनायक को रक्षा मामलों से जुड़े 'जरूरी काम' के लिए अमेरिका भेजा गया था।
इसके अलावा, भाजपा सांसद ने ओडिशा के चारबतिया हवाई अड्डे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल 1963 और 1979 के बीच श्री पटनायक की मिलीभगत से यू-2 जासूसी विमानों के संचालन के लिए किया गया था।
इन टिप्पणियों से पूरे ओडिशा में बीजद नेताओं के बीच भारी गुस्सा पैदा हो गया है। पार्टी सदस्यों ने इन बयानों को 'बेबुनियाद', 'झूठा' और 'अपमानजनक' बताते हुए इनकी निंदा की और इसे एक सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी तथा पूर्व मुख्यमंत्री का अपमान बताया। उन्होंने श्री दुबे से बिना शर्त माफी की मांग भी की।
विरोध में, बीजद के राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने संचार और आईटी संबंधी संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया, जिसके अध्यक्ष निशिकांत दुबे हैं।
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