भुवनेश्वर , जून 23 -- बीजू जनता दल (बीजद) के छात्र संगठन 'बीजू छात्र जनता दल' (बीसीजेडी) ने मंगलवार को ओडिशा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य चयन बोर्ड (एसएसबी) के तहत लेक्चरर पदों की भर्ती में सरकार की निष्क्रियता के कारण हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
बीसीजेडी की अध्यक्ष इप्सिता साहू और कार्यकारी अध्यक्ष प्रदोष परिदा ने पार्टी दफ्तर में पत्रकारों से कहा कि राज्य के करीब 50,000 युवा पिछले दो साल से इस भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। काम आगे न बढ़ने से इन युवाओं में काफी निराशा और गुस्सा है।
नेताओं ने बताया कि साल 2022 में भी जब यह मामला उच्च न्यायालय में अटका था, तब तत्कालीन बीजद सरकार ने बीच में कदम उठाया था। इसी कोशिश की वजह से साल 2023 में 1,065 लेक्चरर की नियुक्ति हो सकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार उच्च न्यायालय में चल रहे इस मामले को सुलझाने के लिए वैसी गंभीरता और तेजी नहीं दिखा रही है।
सुश्री साहू ने कहा कि पिछली सरकार ने मार्च 2024 में एक और भर्ती निकाली थी। लेकिन जून में जैसे ही राज्य में सरकार बदली, कुछ लोग फिर से उच्च न्यायालय चले गए और यह पूरी प्रक्रिया दोबारा ठप हो गयी।
सुश्री साहू का कहना है कि पिछले दो साल में अदालत में कई बार सुनवाई हुई, लेकिन सरकारी वकीलों और अधिकारियों ने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रखा। इसी ढिलाई की वजह से मामला खिंचता जा रहा है और नयी भर्ती का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है।
छात्र नेता के मुताबिक, परेशान होकर युवाओं ने उच्च शिक्षा मंत्री, कानून मंत्री, उच्च शिक्षा सचिव, मुख्य सचिव और एडवोकेट जनरल तक के चक्कर काटे, लेकिन कहीं से भी कोई ठोस भरोसा या जवाब नहीं मिला।
सुश्री साहू ने सरकार से मांग की कि आगामी 30 जून को होने वाली सुनवाई में सरकारी वकील पूरी गंभीरता से भाग लें ताकि युवाओं को न्याय मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भर्ती का अधिसूचना तुरंत जारी नहीं हुआ, तो बीसीजेडी छात्रों के हक में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
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