बीजापुर , जनवरी 15 -- छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति 'पूना मारगेम' के तहत बीजापुर जिले में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। गुरुवार को बीजापुर में 1.41 करोड़ रुपये के इनामी 52 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
दक्षिण सब जोनल ब्यूरो से संबंधित 52 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर शासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इन सभी पर उनके पद एवं संगठन में भूमिका के अनुसार कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में 21 महिला और 31 पुरुष कैडर शामिल हैं।
यह आत्मसमर्पण राज्य की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति, सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों और मेरा सुंदर गांव' (नियोद नेल्लानार) जैसी योजनाओं का सीधा परिणाम बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार एक जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 824 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जबकि 1126 को गिरफ्तार किया गया और 223 मुठभेड़ में मारे गए हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में डीव्हीसीएम, पीपीसीएम, एसीएम, डिवीजन एवं ब्यूरो सदस्य, प्लाटून कमांडर, मिलिशिया सदस्य और जनताना सरकार के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात लोग शामिल हैं। इन सभी ने भारतीय संविधान में आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कैडर को तात्कालिक सहायता के रूप में 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है।
इस उपलब्धि में डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा, बस्तर फाइटर्स और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बटालियनों की संयुक्त कार्रवाई को महत्वपूर्ण भूमिका बताया गया है। बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने अन्य माओवादियों से भी हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शासन की 'पूना मारगेम' नीति उनके भविष्य को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में लक्खू कारम उर्फ अनिल, लक्ष्मी माड़वी उर्फ रत्ना, चिन्नी सोढी उर्फ शांति, भीमा कारम, विष्णु मण्डावी उर्फ किरण, मोती कोरसा, हुंगी कारम उर्फ अंजली, आयतू हपका, कमला भोगाम, ललिता मुचाकी, गौरी कुडियम उर्फ गीता, बोदी हेमला उर्फ अनुशा, बाबू अंगनपल्ली उर्फ अनिल, सुखराम कुडियम, पण्डरू पोटाम, लक्की ओयाम, मुन्ना पोडियम, रत्तू ओयाम उर्फ रतन, मंगली मिडियम, मोटू मिडियम, आयतू कारम, कोपे माड़वी उर्फ सामो, हुंगी माड़वी, मिटकी पुनेम उर्फ समीरा, अंदो मिच्चा, सुकमन वेको, मोटी फरसीक, कोसा माड़वी उर्फ डुई, चैतू कुंजाम उर्फ देवा, मुडा माड़वी, सम्मैया तलाण्डी, हुंगा कर्मा, रमेश उद्दे, बिक्का गोटा, भीमा माड़वी, कोपे कड़ती, पण्डरू फरसा उर्फ बण्डे, मूडो पोयाम उर्फ अनिता, पायके कोवासी, सोनी कारम, आयती कारम उर्फ पुनीता, कमली माड़वी, सम्मा तलाण्डी, हड़मा कुहराम उर्फ वक्के, राजेन्द्र कवासी उर्फ जोगा, विनोद कुरसम, आयतू उईका, बदरू कुरसम, कन्हैया गोटा उर्फ कन्ना, मल्लेश कारम उर्फ भीमा, सुदेश उईका उर्फ मुन्ना और गंगा वेट्टी शामिल हैं।
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