बीजापुर , अप्रैल 24 -- ) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक प्रधानाध्यापक की आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि ग्राम चेरपाल निवासी एवं प्राथमिक शाला पालनार में पदस्थ प्रधानध्यापक राजू पुजारी को ठेकेदारों, इंजीनियरों और संबंधित कर्मचारियों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते वे आत्महत्या करने को मजबूर हुए।
उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए ईमानदार शिक्षक की "सुनियोजित हत्या" है। उन्होंने कहा कि राजू पुजारी अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान और ईमानदार शिक्षक थे, जिनकी क्षेत्र में अच्छी छवि थी।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक शाला पालनार के भवन निर्माण कार्य के लिए लगभग 20 लाख 30 हजार रुपये की राशि स्वीकृत थी। आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही थी, जिसकी शिकायत मृतक शिक्षक द्वारा कई बार अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके उलट उन पर ठेकेदार को भुगतान करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
श्री मंडावी के अनुसार, मृतक के सुसाइड नोट में ठेकेदार देवाशीष मंडल, इंजीनियर शैलेश वासम, कर्मचारी छवितेश डोंगरे तथा मुख्य ठेकेदार जागर लक्ष्मैया के नाम का उल्लेख है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य ठेकेदार का संबंध भाजपा से है और आशंका जताई कि दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा सकता है।
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