बीजापुर, फरवरी 06 -- छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के दुर्गम अंचल में सुरक्षा एवं विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम गुण्डेपुरी में 05 फरवरी को एक नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना की गई। यह कैम्प डीआरजी, जिला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 21वीं वाहिनी की संयुक्त टीमों द्वारा स्थापित किया गया है।

एसपी बीजापुर के कार्यालय से शुक्रवार को मिली जानकारी के मुताबिक,इस सफलता को प्राकृतिक चुनौतियों के बीच एक साहसिक उपलब्धि बताया जा रहा है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, पहुँच-विहीन मार्गों एवं कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस के साथ इस कैम्प की स्थापना की। यह जिले में वर्ष 2024 के बाद से स्थापित किया जाने वाला 34वाँ नवीन सुरक्षा कैम्प है।

इस कैम्प की स्थापना का रणनीतिक महत्व भी है। यह भोपालपटनम से फरसेगढ़, सेण्ड्रा एवं गढ़चिरौली को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। साथ ही, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली इन्द्रावती नदी पर पुल निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है, जिससे पूरे क्षेत्र की आवागमन सुविधा एवं प्रशासनिक पहुँच मजबूत होगी।

प्रशासन का मानना है कि इस कैम्प की स्थापना से सुरक्षा और विकास का अद्भुत समन्वय स्थापित होगा। इससे क्षेत्र में नक्सलवादी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, राशन वितरण और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

जिले में नक्सल उन्मूलन के प्रयासों में उल्लेखनीय सफलता मिली है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 से अब तक जिले में 888 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 232 नक्सली विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं तथा 1163 को गिरफ्तार किया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित