बीजापुर , जुलाई 12 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सल मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई की मांग को लेकर उनके परिजनों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में रायपुर के लिए रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से मुलाकात कर बंद ग्रामीणों की रिहाई की मांग करेगा।
जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि जिन मामलों में हार्डकोर नक्सलियों के प्रकरण वापस लिए गए हैं, उसी प्रकार निर्दोष और गरीब आदिवासी ग्रामीणों के मामलों की भी समीक्षा कर उन्हें तत्काल जेलों से रिहा किया जाना चाहिए।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि नौ जुलाई को बीजापुर जिला मुख्यालय में जेलों में बंद आदिवासियों के परिजनों की विधायक मंडावी के साथ बैठक हुई थी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्टर बीजापुर को सौंपा गया था।
परिजनों का आरोप है कि अनेक निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों को पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में नक्सली होने के आरोप में वर्षों से जेल में रखा गया है और वे लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद की स्थिति में सुधार हुआ है, ऐसे में निर्दोष आदिवासियों के मामलों की समीक्षा कर उन्हें जेल से रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर के आदिवासी समाज के हितों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
प्रतिनिधिमंडल में सोनाराम बारसा, शांति कोरसा, रोहिता ताती, विनित इरपा, वामन कड़ती, सेवंती गोटा, मुन्ना ओयाम, भीमा मड़कम, विकास अवलम, मंगेस बारसे, बीजू लेकाम, महेश रेंगा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हैं।
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