बीजापुर , नवंबर 03 -- 'लाल चंदन' की लकड़ी की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग के चलते इसकी कीमत लाखों रुपये प्रति टन तक पहुंच चुकी है। इसी संभावना को देखते हुए भैरमगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत तालनार के युवा किसान गुलशन कश्यप ने अपनी डेढ़ एकड़ भूमि में 140 लाल चंदन के पौधे लगाने का निर्णय लिया।
गुलशन के इस नवाचार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से महत्वपूर्ण सहयोग मिला। योजना के तहत पौधरोपण, ट्री गार्ड, गड्ढा खुदाई और तीन वर्ष तक रखरखाव की स्वीकृति प्रदान की गई। दो वर्ष पूर्व लगाए गए पौधे अब 10 से 12 फीट ऊंचे वृक्ष बन चुके हैं, जिससे किसान गुलशन बेहद उत्साहित हैं।
गुलशन ने बताया कि जैसे-जैसे लाल चंदन के पेड़ बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे उनकी संपत्ति में भी वृद्धि हो रही है। अब वे पेड़ों के बीच की खाली भूमि में अरहर की खेती करने की योजना बना रहे हैं ताकि मिट्टी की उर्वरता और नमी बनी रहे तथा पेड़ों को प्राकृतिक पोषण मिलता रहे।
कार्यक्रम अधिकारी खेम चंद साहू ने बताया कि किसानों की निजी भूमि पर मनरेगा योजना के तहत पौधरोपण का विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी आजीविका में स्थायी सुधार हो सके। गुलशन कश्यप को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3 लाख रुपये की लागत से तीन वर्ष की अवधि के लिए 'ब्लॉक प्लांटेशन' कार्य की स्वीकृति दी गई है।
इस कार्य के क्रियान्वयन के लिए उद्यानिकी विभाग से प्रशिक्षित भैरम बाबा क्लस्टर संगठन को एजेंसी बनाया गया है, जो पौधों की निंदाई-गुड़ाई, सिंचाई और खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। गुलशन की इस पहल से प्रेरित होकर अब अन्य किसान भी लाल चंदन की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में हरियाली और समृद्धि दोनों बढ़ रही हैं।
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