बीजापुर , मार्च 02 -- छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के थाना फरसेगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेण्ड्रा में सोमवार को नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना की गई।
डीआरजी, जिला बल तथा छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 6वीं वाहिनी "सी" समवाय की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाकर इस कैम्प को स्थापित किया। सुरक्षा बलों के अनुसार, यह कदम क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इंद्रावती नदी पर निर्माणाधीन पुल बनने के बाद छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र से जुड़ सकेगा। भोपालपट्टनमज़ फरसेगढ़, सैंड्रा से होकर महाराष्ट्र जुड़ेंगा।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, पहुंचविहीन रास्तों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने साहस और समन्वय का परिचय देते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024 से अब तक जिले में कुल 36 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कैम्पों की स्थापना से न केवल सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, बल्कि प्रशासनिक पहुंच और आधारभूत संरचना के विस्तार को भी बल मिला है।
भोपालपटनम् से फरसेगढ़, सेण्ड्रा और गढ़चिरौली को जोड़ने की दिशा में यह पहल रणनीतिक दृष्टि से अहम मानी जा रही है। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली इंद्रावती नदी पर पुल निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसके पूर्ण होने के बाद नेशनल पार्क क्षेत्र के सुदूर ग्रामों तक सड़क, स्वास्थ्य और अन्य शासकीय सेवाओं की पहुंच आसान होगी।
नवीन कैम्प के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, बिजली, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मोबाइल नेटवर्क तथा सड़क-पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा और विकास के समन्वित मॉडल से क्षेत्र में स्थायी शांति और विश्वास का वातावरण तैयार होगा।
नक्सल उन्मूलन के मोर्चे पर भी जिले में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2024 से अब तक 918 माओवादी पुनर्वासित हुए हैं, 234 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं तथा 1181 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी., पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, अति पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) अमन कुमार झा, उप पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ सिंह चौहान और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अमन लखीसरानी के मार्गदर्शन और उपस्थिति में की गई।
इससे पूर्व एक मार्च को थाना फरसेगढ़ क्षेत्र में एड़ापल्ली के जंगलों में सुरक्षा बलों ने संयुक्त कार्रवाई कर माओवादियों द्वारा निर्मित दो अवैध स्मारकों को ध्वस्त किया। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में माओवादी प्रभाव समाप्त करने और आम नागरिकों में विश्वास बहाली के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा।
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