बीजापुर , जुलाई 09 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नगरपालिका क्षेत्र में फुटपाथ दुकानदारों और अस्थायी व्यापारियों से कथित अवैध बाजार शुल्क वसूली के संबंध में नगरपालिका परिषद द्वारा भारतीय जनता पार्टी के पार्षद मुकेश राठी को जारी किया गया नोटिस सामने आन से विवाद और गहरा गया है।
परिषद की ओर से 19 मई को जारी नोटिस के अनुसार, परिषद को शिकायत मिली है कि नगरपालिका की अस्थायी दुकानों तथा फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले व्यापारियों से बिना वैध निविदा प्रक्रिया के शुल्क वसूला जा रहा है। नोटिस में इसे छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए तत्काल वसूली बंद करने के निर्देश दिये गये थे। साथ ही पूर्व में वसूली गयी राशि का विवरण प्रस्तुत कर उसे नगर पालिका के राजस्व खाते में जमा कराने को कहा गया था।
सूत्रों के अनुसार सब्जी बाजार, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर संचालित ठेलों एवं गुमटियों से प्रतिदिन शुल्क वसूले जाने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। यह भी आरोप है कि वसूली के दौरान नगरपालिका के नाम की ऐसी रसीदें जारी की गयीं, जिन पर अधिकृत मुहर और हस्ताक्षर नहीं थे।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी बंसीलाल नरोटी ने कहा कि बाजार शुल्क वसूली के लिए नगरपालिका की ओर से कोई निविदा जारी नहीं की गयी है और न ही किसी व्यक्ति को इसका ठेका दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति नगरपालिका के नाम पर अवैध रूप से शुल्क वसूलता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगरपालिका परिषद अध्यक्ष गीता पुजारी ने कहा कि संबंधित पार्षद को पहले भी इस प्रकार की वसूली बंद करने की चेतावनी दी गयी थी। उन्होंने बताया कि परिषद की आगामी बैठक में इस पूरे मामले पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
इस बीच, भाजपा पार्षद मुकेश राठी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
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