रायपुर , मार्च 16 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित पोटा केबिन से जुड़ा संवेदनशील मामला जोरदार तरीके से उठा। पोटा केबिन में पढ़ने वाली तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने की खबर सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे गंभीर विषय बताते हुए सदन में चर्चा की मांग की। हालांकि स्थगन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाने पर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बहिष्कार कर दिया।

शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इतनी संवेदनशील घटना के बावजूद दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष ने इस पूरे मामले पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग भी रखी।

हालांकि स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार होने के बाद विपक्षी विधायकों ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया और सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का कहना था कि यह मामला आदिवासी क्षेत्र की छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

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