बीजापुर , जून 15 -- छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने सोमवार को जिले में 18 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की सौगात दी।
उन्होंने मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14वें चरण का शुभारंभ करते हुए 16.58 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 2.09 करोड़ रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार भूमिपूजन किए गए कार्यों में मिरतुर और बेदरे में ट्रांजिट हॉस्टल, उसूर में वरिष्ठ कृषि अधिकारी भवन, आवापल्ली एवं कुटरू में शासकीय महाविद्यालय भवन, भैरमगढ़ महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा दुगईगुड़ा से चिंताकोंटा तक सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शिक्षा, कृषि और परिवहन सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
लोकार्पित परियोजनाओं में जिला अस्पताल परिसर में रैन बसेरा, दाल-भात केंद्र, अटल आरोग्य लैब, कार्यालय सह गोदाम भवन, विद्यालय भवन, पंचायत भवन, पुलिया निर्माण तथा शैक्षणिक संस्थानों में तार फेंसिंग जैसे कार्य शामिल हैं। जिला अस्पताल में स्थापित अटल आरोग्य लैब में 134 प्रकार की जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
कार्यक्रम के दौरान मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14वें चरण की शुरुआत की गई। अभियान के तहत जिले में मलेरिया की रोकथाम, समय पर जांच और उपचार के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
इस अवसर पर विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया गया। स्वामित्व योजना के तहत वनाधिकार पट्टों का वितरण किया गया। वहीं निष्क्षय योजना के अंतर्गत पोषण आहार फूड बॉक्स, पुनर्वासित परिवारों को आयुष्मान कार्ड, गर्भवती महिलाओं को जच्चा-बच्चा कार्ड तथा दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राइसाइकिल प्रदान की गई।
श्री केदार कश्यप ने कहा कि बीजापुर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, नगर पालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी, कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, डीएफओ सागर यादव, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चैबे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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