बीजापुर , जनवरी 19 -- बीजापुर के चट्टानपारा क्षेत्र में पवित्र देव स्थलों की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर जिला प्रशासन की कार्रवाई का स्थानीय स्तर पर व्यापक स्वागत हुआ है। चिकट राज कल्याण समिति के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर संबित मिश्रा से सौजन्य भेंट कर इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि यह कदम आस्था, परंपरा और कानून-तीनों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे वर्षों पुरानी धार्मिक मान्यताओं को सम्मान मिला है।
समिति के पदाधिकारियों देव सियान एवं ग्राम प्रमुख मेघनाथ मांझी, परगना मांझी रामशंकर साहनी, मोदुल सिरहा सुखनाथ मांझी तथा सिरहा एवं ग्राम प्रमुख फागू राम साहनी ने बताया कि संबंधित भूमि वन मद की शासकीय भूमि है, जो चिकट राज देव, कोण्डराज देव एवं कारी कंकालीन माता के पीड़ा पटानी और देव धामी से जुड़ा अत्यंत पवित्र स्थल है। यहां प्रतिवर्ष पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और सामुदायिक आयोजन परंपरागत रूप से संपन्न होते रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मांझीपारा, अमानपारा, बैदरगुड़ा, बांडागुड़ा, भट्टीपारा, नयापारा, कन्हईगुड़ा सहित कुल 11 प्रमुख पाराओं के ग्राम प्रमुखों ने सर्वसम्मति से बैठक कर जिला, वन एवं नगरीय प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में संतोष और प्रसन्नता का माहौल है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय एवं वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई सतत रूप से जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष अप्रैल माह में बीजापुर के आराध्य देव चिकट राज का भव्य मेला आयोजित होता है। समिति के आग्रह पर मेला दिवस पर स्थानीय अवकाश घोषित किए जाने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। समिति ने इस निर्णय के लिए भी जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित