बीजापुर , मई 11 -- ) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पामेड़ क्षेत्रांतर्गत अतिसंवेदनशील तथा सुदूर ग्राम उड़तामल्ला में सोमवार को 'मनवा पुलिस - मनवा नाटे' अभियान के अंतर्गत जन-संवाद कार्यक्रम तथा चलित थाना का सफल आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और पुलिस के बीच विश्वास, सुरक्षा और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी ली। साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए ग्रामीणों को इनका अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
ग्रामीणों को जागरूक करते हुए पुलिस द्वारा समझाइश दी गयी कि गांव अथवा जंगल क्षेत्र में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अज्ञात व्यक्ति या असामान्य हलचल दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना को सूचना दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम में बच्चों के शिक्षा के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। अभिभावकों को प्रेरित किया गया कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र भेजें तथा उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक एवं सक्रिय बनाएं।
सामुदायिक पुलिसिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों एवं बच्चों के बीच साड़ी, चप्पल, छाता, खेल सामग्री (क्रिकेट किट, वॉलीबॉल किट), कॉपी, पेन, चॉकलेट एवं बिस्किट का वितरण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों एवं बच्चों में विशेष उत्साह और सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।
बीजापुर पुलिस द्वारा इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रमों के माध्यम से दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में आमजन और पुलिस के बीच सतत संवाद स्थापित कर आपसी समन्वय एवं विश्वास को मजबूत करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
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