बीजापुर , नवम्बर 17 -- छत्तीसगढ के बीजापुर जिला अस्पताल में लगातार बिगड़ रही चिकित्सा सेवाओं को लेकर स्थानीय व्यापारी संघ ने कलेक्टर संबित मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संघ ने स्पष्ट किया कि सात दिनों के भीतर हालात नहीं सुधरे तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।

व्यापारी संघ के अध्यक्ष ईश्वर सोनी और अन्य पदाधिकारियों द्वारा सोमवार को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि अस्पताल में रक्त जांच, पैथोलॉजी सेवाएं, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसे महत्वपूर्ण परीक्षण लंबे समय से सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। तकनीशियनों की कमी, मशीनों की खराबी और आवश्यक दवाइयों एवं व्यवस्थाओं के अभाव के कारण मरीजों को मजबूरन निजी लैबों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां जांच का खर्च सामान्य नागरिकों पर भारी पड़ रहा है।

संघ ने कहा कि जिला मुख्यालय के प्रमुख अस्पताल में जांच सेवाओं का ठप होना जनहित से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। इससे न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के मरीज प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में भी समय पर उपचार उपलब्ध नहीं हो पा रहा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से यह मांगें रखी गईंव्यापारी संघ की मांग है कि सभी बंद पड़ी रक्त जांच और पैथोलॉजी सेवाओं को तुरंत शुरू किया जाए, आवश्यक तकनीशियन, ऑपरेटर और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाए।

व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा, "यदि जिला अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण संस्था में बुनियादी जांच बंद रहेंगी, तो आम जनता को अनावश्यक आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। प्रशासन को बिना देरी सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।"कलेक्टर मिश्रा ने ज्ञापन मिलने के बाद व्यापारिक संघ को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दिखाई देगा।

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