भुवनेश्वर/नयी दिल्ली , जुलाई 19 -- बीजू जनता दल (बीजद) संसद के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में ओडिशा से जुड़े कई मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगी, जिसमें कोयला रॉयल्टी, खेती-किसानी का संकट, पाठ्यपुस्तकों की गलतियों का मुद्दा आदि प्रमुखता से शामिल हैं।

पार्टी दक्षिण एशिया में सुरक्षा की मौजूदा स्थिति, बढ़ती महंगाई और पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने जैसी चिंताओं पर भी केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी।

बीजद के राज्यसभा संसदीय दल के नेता मानस मंगराज ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद कहा कि पार्टी ने सरकार के सामने अपनी प्राथमिकताएं रखी हैं और पिछले दो वर्षों में ओडिशा सरकार की नाकामियों को भी वह उजागर करेगी।

श्री मंगराज नेे ओडिशा में नयी शिक्षा नीति लागू करने की चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि कक्षा 1 से 8 तक की नयी छपी पाठ्यपुस्तकों में कई गलतियां हैं। उनके अनुसार इन गलतियों ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर डाला है और 40 लाख से अधिक छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित किया है। उन्होंने राज्य सरकार पर इस मुद्दे को हल्के में लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजद राज्यसभा में इस मामले पर चर्चा की मांग करेगी।

उन्होंने सांसदों के स्थानीय क्षेत्र विकास (एमपीएलएडीएस) धन के मुद्दे पर कहा कि हालांकि कुछ सांसदों ने मौजूदा 5 करोड़ रुपये के आवंटन से अधिक की मांग की है लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पहले मौजूदा आवंटन का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उन्होंने ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर एमपीएलएडीएस योजना के तहत विकास कार्यों को लागू करने में बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार 2024 से बीजद सांसदों को अपने एमपीएलएडीएस धन को खर्च करने में प्रशासनिक रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है।

श्री मंगराज ने दावा किया कि हालांकि सांसद विकास परियोजनाओं के लिए धन को मंजूरी देते हैं लेकिन काम या तो देर से होते हैं या फिर उन सांसदों की बजाय मंत्रियों के नाम पर उनका उद्घाटन किया जाता है जिन्होंने उनकी सिफारिश की थी। उन्होंने राज्य सरकार के द्वारा जान-बूझकर बीजद सांसदों को उनके एमपीएलएडीएस धन का इस्तेमाल करने से रोकने का आरोप लगाया।

उन्होंने राज्य सरकार के निर्देशों पर काम करते हुए अधिकारियों के द्वारा बीजद सांसदों के प्रस्तावों को पिछले दो साल से लंबित रखने का भी दावा किया, जिससे वे विकास कार्य नहीं कर पा रहे हैं। श्री मंगराज ने कहा कि उन्होंने इस मामले में संसदीय स्थायी समिति को पहले ही एक नोटिस दे दिया है और वे संसद में भी यह मुद्दा उठाकर इस पर अलग से चर्चा की मांग करेंगे।

उन्होंने बीजद के द्वारा मानसून सत्र के दौरान संसदीय प्रक्रियाओं के मुताबिक रचनात्मक सहयोग देते हुए ओडिशा के हितों से जुड़े मुद्दे उठाते रहने की बात कही।

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