बीकानेर , जुलाई 19 -- राजस्थान में बीकानेर के किसानों को खजूर की खेती रास आ रही है। इस वर्ष एक ओर जहां खजूर का उत्पादन अच्छा रहा, वहीं दूसरी ओर किसानों को बाजार भाव अच्छा मिलने से खजूर पौधारोपण के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है।

किसानों ने प्रति पौधा 80-100 किलोग्राम तक फल प्राप्त किये और 50-80 रुपए प्रति किलोग्राम तक बाजार भाव मिलने से किसान खजूर की खेती को लेकर उत्साहित हैं। किसान खजूर का फल राज्य से बाहर दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब तक विपणन करके अच्छा लाभ कमा रहे हैं।

उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने रविवार को बताया कि उद्यान आयुक्तालय द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 'पश्चिमी राजस्थान में खजूर पौधारोपण क्षेत्रफल विस्तार' योजना के तहत खजूर बगीचा स्थापना के प्रयास रंग ला रहे हैं। अब धरातल पर योजना का क्रियान्वयन नजर आ रहा है और किसान खजूर उत्पादन से अच्छा लाभ कमा रहे हैं।

प्रगतिशील खजूर उत्पादक किसान शिवकरण कूकणा पेमासर, जय भगवान कानासर, ओ पी हर्ष हुंसगसर बीछवाल, बृजमोहन चांडक देशनोक और केसरी चन्द भूरा जैसे किसानों ने बताया कि इस बार खजूर की अच्छी पैदावार हुई है एवं बाजार भाव भी अच्छा मिलने से खजूर उत्पादन से उनकी आमदनी दुगनी हुई है।

उपनिदेशक उद्यान (अनुसंधान एटीसी) प्रेमाराम ने बताया कि किसान खजूर बगीचा लगाकर उद्यान विभाग द्वारा देय अनुदान योजना का लाभ ले सकते हैं।

उन्होंने बताया कि खजूर पौधारोपण के लिये प्रति हेक्टेयर पौधों की आवश्यकता खजूर पौधरोपण के लिय प्रति हेक्टेयर 148 मादा एवं आठ नर पौधों सहित कुल 156 पौधों की आवश्यकता रहती है। खजूर की मादा किस्मों यथा-बरही, खुनैजी मेडजूल, खलास, खद्रावी, सगई, जामली, अजवा, नाबुत सुल्तान एवं हलावी किस्मों और नर किस्मों अल-इन-सिटी और घनामी पर ही अनुदान देय है। कृषक खजूर बगीचे की स्थापना शाखा अथवा ऊतक संवर्धन से तैयार पौधों से कर सकता है।

श्री गहलोत ने बताया कि खजूर पौधों पर 75 प्रतिशत अनुदान देय है। ऊतक संवर्धन तकनीक से उत्पादित खजूर पौधे लगाने पर कृषकों को अनुदान सहायता प्रति पौधा तीन रुपए या प्रति पौधा इकाई लागत का 75 प्रतिशत जो भी कम हो, देय होगा।

अंकुर तकनीक से उत्पादित खजूर के पौधारोपण पर कृषकों को अनुदान सहायता प्रति पौधा क्रय मूल्य एक हजार रुपए का 75 प्रतिशत एवं जड़ विकसित / जमाव उपरान्त प्लास्टिक थैली सहित खजूर पौधे के क्रय मूल्य 1500 रुपए का 75 प्रतिशत दिया जाएगा। एक कृषक को न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर और अधिकतम चार हेक्टेयर तक खजूर पौधारोपण पर अनुदान देय होगा।

श्री पेमाराम ने बताया कि कृषक खजूर बगीचे की स्थापना अंकुरित पौधों से भी कर सकता है। अंकुरित पौधे राजकीय फार्म सगरा भोजका, जैसलमेर, मैकेनाईज्ड कृषि फार्म, खारा, बीकानेर एवं राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों से चयन करके प्राप्त किये जा सकते है, इसके साथ ही ऐसे कृषक जिन्होंने पूर्व में खजूर के बगीचे स्थापित किये हैं और गुणवत्तायुक्त अंकुरित पौधे उपलब्ध कराने में सक्षम हैं, से भी ये पौधे प्राप्त किये जा सकते हैं।

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