दुर्ग , मई 28 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से बड़े पैमाने पर लोहे की चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने भिलाई-3 थाना क्षेत्र अंतर्गत हथखोज और अकलोरडीह इलाके में कार्रवाई करते हुए करीब 250 टन संदिग्ध लोहा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार प्लांट से निकलने वाले हाईवा वाहनों में फ्लाई ऐश के नीचे लोहा छिपाकर बाहर भेजा जा रहा था। प्रारंभिक जांच में इस पूरे मामले में प्लांट के कर्मचारियों की अंदरूनी मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस को पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रही थीं कि बीएसपी से लोहे की प्लेटें और स्क्रैप चोरी कर बाहरी गोदामों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर बुधवार को पुलिस टीम ने संदिग्ध ट्रकों की निगरानी की और उनका पीछा करते हुए हथखोज स्थित एक गोदाम तक पहुंची।
छावनी सीएसपी प्रशांत कुमार पैकरा तथा भिलाई-3 थाना पुलिस ने गोदाम में दबिश देकर दस्तावेजों की जांच की लेकिन जब्त किए गए लोहे से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद पुलिस ने पूरे यार्ड और गोदाम की तलाशी ली।
जांच के दौरान पुलिस को गोदाम में लगभग 250 टन संदिग्ध लोहा मिला। आशंका जताई जा रही है कि यह सामग्री बीएसपी की एसएमएस-3 यूनिट से चोरी कर यहां डंप की गई थी। पुलिस ने मौके पर खड़े दो हाईवा वाहनों की जांच की, जिनके ऊपर फ्लाई ऐश भरी हुई थी, जबकि अंदर भारी मात्रा में लोहा छिपाकर रखा गया था।
पुलिस के मुताबिक जिस कबाड़ी गोदाम से संदिग्ध लोहा मिला है, उसका संचालन मोहम्मद कलीम करता है। मामले में ट्रांसपोर्टर संजय सिंह और मोहम्मद कलीम से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
घटना के बाद बीएसपी प्रबंधन ने भी अलग से जांच समिति गठित की है, जो पूरे नेटवर्क और संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच करेगी। पुलिस ने बरामद लोहे को भारतीय नागरिक न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 106 के तहत जब्त कर गोदाम को सील कर दिया है।
भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि, "पुलिस को सूचना मिली थी कि अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स नामक यार्ड में बीएसपी से चोरी किया गया लोहा लाकर डंप किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर रेड कार्रवाई की।"उन्होंने कहा कि, "मौके पर खड़े दो हाईवा वाहनों की जांच में भारी मात्रा में लोहा मिला। ड्राइवरों के पास केवल फ्लाई ऐश परिवहन से संबंधित दस्तावेज मिले। पूछताछ में यह बात सामने आई कि यार्ड में रखा लोहा बीएसपी प्लांट से चोरी कर लाया गया था।"उल्लेखनीय है कि भिलाई स्टील प्लांट देश की प्रमुख सेल इकाइयों में शामिल है और इसकी सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जिम्मे है। जानकारी के अनुसार करीब 700 जवान प्लांट परिसर में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।
चोरी किया गया लोहा काफी भारी था, जिसे क्रेन और अन्य मशीनों की सहायता से ट्रकों में लोड किया जाता था। ऐसे में बिना अंदरूनी मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर चोरी संभव नहीं मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस और बीएसपी प्रबंधन मामले की विस्तृत जांच में जुटे हुए हैं।
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