बिलासपुर , अगस्त 14 -- छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से लोहा चोरी के मामले में मुख्य आरोपी संजय सिंह के बेटे अभय सिंह को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अदालत ने अभय सिंह को जमानत देने का आदेश गुरुवार को जारी किया है जिसकी जानकारी आज सुबह दी गई । वह प्रकरण दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा था और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

अभय सिंह इस प्रकरण में जमानत पाने वाला तीसरा आरोपी है। इससे पहले व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल को 4 अगस्त को अग्रिम जमानत मिली थी, जबकि पूर्व बीएसपी जीएम हिमांशु भूषण मलिक को 10 अगस्त को नियमित जमानत दी गई थी।

अभय सिंह की ओर से अदालत में पैरवी करते हुए उसके वकील ने हिमांशु खंडेलवाल और हिमांशु भूषण मलिक को मिली राहत से संबंधित आदेशों का हवाला दिया। बचाव पक्ष ने कहा कि समान आरोपों वाले अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, इसलिए अभय को भी राहत दी जानी चाहिए।

सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी अदालत के समक्ष रखा गया कि अभय सिंह का नाम मामले की मूल प्राथमिकी में नहीं था और उसके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए उसकी जमानत मंजूर कर दी।

न्यायालय ने अभय सिंह को निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। जमानत के साथ कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। अभय को जांच और ट्रायल में सहयोग करना होगा, वह किसी गवाह को प्रभावित नहीं कर सकेगा तथा प्रत्येक सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित रहना होगा।

पुलिस के अनुसार बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस विभाग से आयरन स्क्रैप और डस्ट की आड़ में लोहा बाहर निकालने के मामले में संजय सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। जांच आगे बढ़ने के बाद उसके बेटे अभय सिंह का नाम भी सामने आया और पुलिस ने उसे आरोपी बनाया। पुलिस का आरोप है कि अभय सिंह भी इस मामले में शामिल था।

प्रकरण दर्ज होने के बाद संजय सिंह और अभय सिंह फरार थे। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था और दोनों को भगोड़ा भी घोषित किया गया था। बाद में पुलिस ने संजय सिंह को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

इस बीच मामले के मुख्य आरोपी संजय सिंह और पूर्व भाजपा नेता भास्कर मुदलियार को गुरुवार को दुर्ग जेल से बेमेतरा जेल शिफ्ट कर दिया गया। दोनों को अचानक दूसरी जेल भेजे जाने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हुई है।

वहीं, अग्रिम जमानत मिलने के बाद व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल गुरुवार को जमानत से संबंधित दस्तावेज लेकर भिलाई थाने पहुंचे। पुलिस की आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई से संबंधित आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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