बागेश्वर/कपकोट , अगस्त 02 -- उत्तराखंड के कपकोट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में बूथ लेबल अधिकारी (बीएलओ) कमला देवी की आत्महत्या के मामले में निर्वाचन विभाग की ओर से रविवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए चुनावी कार्य के दबाव में आत्महत्या करने से इन्कार किया गया है।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 46 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र कपकोट द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि विभाग की ओर से इस मामले में गहन जानकारी जानकारी ली गई है। जांच में पाया गया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बूथ संख्या-164 बांसतोली की बीएलओ कमला देवी को कुल 88 नोटिस वितरित करने थे, जिनका वितरण 24 अगस्त तक पूरा किया जाना निर्धारित था जबकि 31 अगस्त को नोटिसों पर सुनवाई प्रस्तावित थी।

आगे कहा गया कि कमला देवी ने सभी 88 नोटिसों का वितरण निर्धारित समय से पहले ही पूरा कर लिया था। निर्वाचन कार्य के दौरान उन्होंने कभी भी किसी प्रकार के दबाव, अतिरिक्त कार्यभार या कठिनाई की शिकायत अपने उच्चाधिकारियों को नहीं दी। विभाग का कहना है कि यदि ऐसी कोई समस्या होती तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जा सकती थी, लेकिन इस संबंध में किसी भी स्तर पर कोई शिकायत या सूचना प्राप्त नहीं हुई।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कमला देवी अपने निर्वाचन संबंधी दायित्वों का सामान्य एवं सुचारु रूप से निर्वहन कर रही थीं तथा चुनावी कार्य के संबंध में उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था।

हालांकि, कमला देवी की आत्महत्या के कारणों की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है और वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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