वाराणसी , जून 22 -- काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के भौतिकी विभाग स्थित एस.एन. बोस सभागार में विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए आयोजित छह सप्ताह के समर रिसर्च इंटर्नशिप कार्यक्रम 'अन्वेषण 2.0' का शुभारम्भ शोध फाउंडेशन द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक शोध कौशल एवं समकालीन वैज्ञानिक पद्धतियों का अनुभव प्रदान करना तथा विभिन्न विषयों के अनुभवी मार्गदर्शकों के साथ सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है।

कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि उच्च शिक्षा में इंटर्नशिप का महत्व निरंतर बढ़ रहा है और वर्तमान शैक्षणिक एवं व्यावसायिक परिदृश्य में विद्यार्थियों को आवश्यक व्यावहारिक दक्षताओं से लैस करने के लिए केवल कक्षा-आधारित शिक्षण पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने देश के अग्रणी संस्थानों में संचालित सफल इंटर्नशिप मॉडलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुनियोजित इंटर्नशिप कार्यक्रमों से न केवल विद्यार्थियों, बल्कि शिक्षकों एवं संस्थानों को भी लाभ मिलता है। ऐसे कार्यक्रम शोध गतिविधियों को सुदृढ़ करते हैं, प्रयोगशालाओं की उपयोगिता बढ़ाते हैं तथा भविष्य में स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के प्रवेश के नए अवसर सृजित करते हैं।

श्री चतुर्वेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि 'अन्वेषण 2.0' जैसी पहल विश्वविद्यालय में सशक्त शोध संस्कृति के विकास में सहायक सिद्ध होगी तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए आकर्षित करेगी।

शोध फाउंडेशन के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अर्जुन आनंद ने बताया कि वर्ष 2018 में शोध की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा संचालित एक पहल के रूप में हुई थी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं समाज के समक्ष उपस्थित चुनौतियों के समाधान में सक्रिय योगदान के लिए प्रेरित करना था। 'अन्वेषण' के बारे में उन्होंने कहा कि यह शोध की सबसे महत्वाकांक्षी पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उन्नत शोध परिवेश तथा अग्रणी वैज्ञानिक संस्थानों से प्रत्यक्ष परिचय कराना है।

कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए शोध फाउंडेशन, दिल्ली के संयोजक आदर्श कुमार सिंह ने 'अन्वेषण 2.0' के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने इसे कक्षा-आधारित शिक्षा और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल बताया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप यह कार्यक्रम स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों के समाधान पर केंद्रित है।

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