वाराणसी , मार्च 13 -- काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में गुरुवार को 'महामना सभागार' में विद्वत परिषद (एकेडमिक काउंसिल ) की बैठक गुरुवार देर रात तक चली। बैठक का संचालन कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह ने किया। बैठक में विश्वविद्यालय के विकास और शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए गए।

चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) में 'डिपार्टमेंट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन' की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इससे गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। संस्थान के विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों में डीएम, एमडी और एमसीएच प्रोग्राम शुरू करने को हरी झंडी दे दी गई है। विश्वविद्यालय स्तर पर एक समर्पित क्लीनिकल ट्रायल यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है, जिससे औषधियों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता का सटीक आकलन संभव होगा।

आयुर्वेद संकाय में एनसीआईएसएम के मानकों के अनुरूप आयुर्वेद के पाठ्यक्रमों में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। साथ ही, 'स्ट्रक्चर्ड इंटर्नशिप प्रोग्राम' के संचालन को भी स्वीकृति मिली। नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत कई नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने और पुराने पाठ्यक्रमों को पुनरीक्षित करने पर सार्थक चर्चा हुई।

संबद्ध महाविद्यालयों, विशेषकर 'आर्य महिला पीजी कॉलेज' और 'वसंता कॉलेज, राजघाट' में बीए बीएड इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम संचालित करने के प्रस्ताव को अनुमति दी गई।

बैठक में चिकित्सा विज्ञान संस्थान में नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों और नवीन फेलोशिप शुरू करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा, फुल-टाइम पीएचडी स्कॉलर्स को पार्ट-टाइम में परिवर्तित करने संबंधी नियमों पर भी विचार-विमर्श किया गया। आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी प्रवेश संबंधी रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।

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