वाराणसी , जून 13 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय काशी दौरे के दूसरे दिन शनिवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित विज्ञान भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। दो दिवसीय इस अधिवेशन में देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 1,200 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

योगी ने देश-विरोधी ताकतों और वामपंथी विचारधारा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि धरोहर के लिए पहचान रखने वाला भारत कमजोर होता गया। पूरे समाज में यह प्रवृत्ति बन गई कि भारत किसी लायक नहीं है, जबकि विदेशी सब कुछ है। विदेशी आक्रांताओं ने भी यही किया और वामपंथियों व भारत-विरोधी ताकतों ने भी यही किया। आज भी बदलते भारत में भारत-विरोधी ताकतें वही कर रही हैं, जिससे भारत की परंपराओं को अपमानित, लांछित और धिक्कारा जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से हमारी खेती खतरे में पड़ रही है। खेतों की उर्वरता कम हो रही है। यही कारण है कि पहले लोग प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता देते थे, ताकि खेती टिकाऊ बनी रहे। अब रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के कारण खेतों के बंजर होने का खतरा भी सामने आ रहा है।

कोविड काल में हमने पारंपरिक उपायों को काफी फायदेमंद पाया। हल्दी के पारंपरिक उपायों को विशेष रूप से प्रभावी देखा गया। चिकित्सकीय सुविधाओं में अमेरिका को अत्यधिक विकसित माना जाता है, लेकिन कोविड के दौरान भारत की तुलना में वहां अधिक मौतें हुईं। यही अनुभव बताता है कि आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ हमारे खान-पान, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक उपायों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विज्ञान भारती का सातवां राष्ट्रीय अधिवेशन 13 और 14 जून को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में आयोजित हो रहा है। यह कार्यक्रम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और राष्ट्रीय विकास से संबंधित विचार-विमर्श की दिशा तय करेगा। अधिवेशन में स्वदेशी विज्ञान, पौराणिक विज्ञान, कृषि, पर्यावरण, आधुनिक विज्ञान, आयुर्वेद सहित कई विषयों पर चर्चा होगी।

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