वाराणसी , सितंबर 18 -- उत्तर प्रदेश में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विचार, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाते हुए भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव (बीआईसी) 2.0, 2026 का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ।

स्वतंत्रता भवन में आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव का आयोजन अटल इनक्यूबेशन सेंटर, प्रबंधन शास्त्र संस्थान, बीएचयू ने किया है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम "फ्रॉम आइडियाज़ टू इम्पैक्ट: ट्रांसफॉर्मिंग इनोवेशन इंटू नेशन-बिल्डिंग" है।

उद्घाटन समारोह में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि शोध और नवाचार विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं, लेकिन वास्तविक चुनौती इन्हें व्यवहार्य कंपनियों और स्टार्टअप में बदलने की है। उन्होंने रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में इनक्यूबेशन तथा उद्यमिता की भूमिका पर जोर दिया।

कॉन्क्लेव के अध्यक्ष डॉ. राजकिरण प्रभाकर ने इसे विचार, संस्थानों, उद्योग, नवाचार और उद्यमिता को जोड़ने वाला मंच बताया। विशिष्ट अतिथि डॉ. एल.बी.एस. यादव ने कहा कि नवाचार केवल नए उत्पाद या तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि लागत घटाने, गुणवत्ता बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने से भी जुड़ा है।

कार्यक्रम में प्रो. राजीव वार्ष्णेय और श्री रवि शंकर पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए। कॉन्क्लेव का प्रमुख आकर्षण अटल इनक्यूबेशन सेंटर में बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा क्षेत्र कौशल परिषद के उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन रहा। सम्मेलन में प्रदर्शनी, पिचिंग, निवेशक संवाद और परिचर्चाएं आयोजित की जा रही हैं।

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