वाराणसी , मार्च 03 -- अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) के सात पीएचडी शोधार्थियों का प्रतिष्ठित भारत-जापान लोटस कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है। देशभर के विभिन्न शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों से कुल 285 शोधार्थियों का चयन किया गया है, जिनमें सात शोधार्थी आईआईटी (बीएचयू) से हैं। इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। लोटस कार्यक्रम भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय शोध सहयोग को सुदृढ़ करने तथा प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों के वैश्विक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित संयुक्त पहल है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित भारतीय शोधार्थियों को जापान के विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों में उन्नत शोध कार्य करने का अवसर मिलेगा। उनका मार्गदर्शन भारतीय एवं जापानी संकाय सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। यह पहल दीर्घकालिक शैक्षणिक साझेदारी, नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करती है।
आईआईटी (बीएचयू) से चयनित शोधार्थियों में ज्ञानदीप (सुपरवाइजर: डॉ. दिनेश भगवतुला, रासायनिक अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विभाग), जय नारायण मिश्रा (सुपरवाइजर: प्रो. प्रभाकर सिंह, भौतिकी विभाग), सोहम मुखर्जी (सुपरवाइजर: प्रो. जॉयसूर्या बसु, सिरेमिक अभियांत्रिकी विभाग), जतिन (सुपरवाइजर: डॉ. रजनीश, फार्मास्युटिकल अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विभाग), शिवम पांडेय (सुपरवाइजर: डॉ. श्रवण कुमार मिश्रा, स्कूल ऑफ मैटेरियल्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी), राहुल तिवारी (सुपरवाइजर: डॉ. पवन पुजार, सिरेमिक अभियांत्रिकी विभाग) तथा सुश्री निशी सिंह (सुपरवाइजर: डॉ. महेंद्र कुमार पाल, सिविल अभियांत्रिकी विभाग) शामिल हैं।
प्रो. संतोष के. सिंह, प्रोफेसर-इन-चार्ज (अंतरराष्ट्रीय संबंध), आईआईटी (बीएचयू) ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य शोध क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा भारतीय शोधार्थियों को संयुक्त अंतरराष्ट्रीय शोध गतिविधियों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम उन स्नातकोत्तर एवं पोस्टडॉक्टोरल शोधार्थियों को भी समर्थन प्रदान करता है, जो जापानी संस्थानों के साथ संयुक्त शोध में संलग्न हैं या भविष्य में संलग्न होने की योजना बना रहे हैं।
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