, May 12 -- हेमेंद्र कुमार लाभ ने हिन्दी रंगमंच के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष तीन अप्रैल को हिन्दी रंगमंच दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि तीन अप्रैल 1868 को बनारस में पहली बार शीतला प्रसाद त्रिपाठी रचित हिन्दी नाटक 'जानकी मंगल' का मंचन हुआ था, जिसे हिन्दी रंगमंच का पहला नाटक माना जाता है।उन्होंने पेशेवर रंगमंच की शुरुआत का श्रेय पारसी रंगमंच को देते हुए राधेश्याम कथावाचक और आगा हश्र कश्मीरी के उल्लेखनीय योगदान की चर्चा की। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं व्यावहारिक कक्षाओं के आयोजन का आश्वासन दिया।

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