, Sept. 11 -- स्वास्थ्य सचिव ने औरंगाबाद, बक्सर और गोपालगंज में पिछले महीनों की तुलना में सर्जरी की संख्या में आई कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित समीक्षा करने और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जिला अस्पतालों को मजबूत बनाने पर जोर दिया।उल्लेखनीय है कि जिला अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं के विस्तार पर स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों के परिणामस्वरूप जून से अगस्त 2026 के बीच सर्जरी की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जून 2026 में जिला अस्पतालों में कुल 2,428 सर्जरी हुई थीं, जो जुलाई में बढ़कर 5,650 और अगस्त में 8,209 तक पहुंच गईं। जुलाई की तुलना में अगस्त में सर्जरी की संख्या में 45.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

अगस्त 2026 में कई जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया। वैशाली जिला अस्पताल में 651 सर्जरी, पटना में 587, अररिया में 529, मधेपुरा में 494 और भोजपुर में 362 सर्जरी की गईं। इससे स्पष्ट है कि जिला अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, ऑपरेशन थिएटर और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का प्रभावी उपयोग बढ़ रहा है।

वहीं सर्जरी के प्रकारों में भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। अगस्त माह में बेगूसराय जिला अस्पताल में 60 प्रकार की सर्जरी, पटना में 53, नालंदा में 42, भोजपुर में 40 और मुजफ्फरपुर में 33 प्रकार की सर्जरी उपलब्ध कराई गईं। विशेषज्ञ विभागों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें जुलाई की तुलना में ईएनटी सर्जरी में 471.7 प्रतिशत, ऑर्थोपेडिक्स में 296.2 प्रतिशत, नेत्र रोग में 174.3 प्रतिशत और जनरल सर्जरी में 66.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

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