, Sept. 19 -- स्वास्थ्य विभाग ने पूरी पदस्थापना प्रक्रिया को पारदर्शी, मेरिट आधारित एवं संवेदनशील बनाया है। पदस्थापना के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई गई है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को यथासंभव उनके गृह जिले (होम डिस्ट्रिक्ट) में पदस्थापित किया गया है। वहीं महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट के अनुरूप निकटवर्ती जिलों के पास पदस्थापना देने का प्रयास किया गया है।सभी ड्रेसर एवं एक्स-रे टेक्निशियन, फार्मासिस्ट को निर्देश दिया गया है कि वे एक माह के भीतर अपने सभी शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक मूल प्रमाण-पत्रों के साथ संबंधित संस्थान में योगदान देंगे। संबंधित संस्थान के अधीक्षक/अधीक्षक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा उनके प्रमाण-पत्रों का मूल अभिलेखों से मिलान कर सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा तथा तीन माह के भीतर निर्गत संस्थानों से उनकी जांच एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कर विभाग को प्रतिवेदित किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने सभी नवपदस्थापित ड्रेसर एवं एक्स-रे टेक्निशियन, फार्मासिस्ट को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराकर आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी ड्रेसर एवं एक्स-रे टेक्निशियन पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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