, Feb. 13 -- श्री पांडेय ने कहा कि अक्टूबर 2022 से जनवरी 2026 तक अररिया में 68700, कटिहार में 71667, किशनगंज में 75771, पूर्णिया में 90890 और सुपौल में 83030 मरीजों की ओरल स्क्रीनिंग की गई है। उन्होंने कहा कि अररिया में 29646, कटिहार में 28315,किशनगंज में 25308, पूर्णिया में 32730 और सुपौल में 46509 मरीजों की ब्रेस्ट स्क्रीनिंग की गई है।उन्होंने कहा कि इसके अलावा मरीजों की सरवाइकल स्क्रीनिंग भी की जा रही है। इस स्क्रीनिंग के दौरान अररिया में 74, कटिहार में 103, किशनगंज में 71, पूर्णिया में 323 और सुपौल में 75 मरीजों में कैंसर की पुष्टि हुई है।
मंत्री ने कहा कि सीमांचल सहित अधिकांश जिलों में कैंसर के लिए डे केयर केंद्र खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 2020 से 2026 तक सरकार ने सीमांचल के जिलों अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और सुपौल में कुल 22217 कैंसर मरीजों पर 58 करोड़ 10 लाख 35 हजार 825 रुपये खर्च किया है।
विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से विधायक श्री ईमान ने कहा कि विगत कई वर्षों से सीमांचल क्षेत्र में कैंसर रोगियों की संख्या अत्यधिक बढ़ती जा रही है। जिसका मुख्य कारण जमीन के अंदर से निकलने वाले पानी मे आर्सेनिक और यूरेनियम की अधिक मात्रा है,जिससे मुंह, छाती और लिवर के कैंसर मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि विगत दिनों महावीर कैंसर संस्थान, पटना के रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है कि बिहार में सर्वाधिक कैंसर मरीज सीमांचल के जिलों (अररिया, पूर्णियाँ, कटिहार, किशनगज एव सुपौल) में है जो चिंता का विषय है। इस पर कुछ विधायकों ने कहा कि प्रदेश के अन्य इलाकों में ऐसी समस्याओ के कारण कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं ।
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