पटना, अगस्त 21 -- बिहार सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाईगर ने कहा है कि प्रदेश में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाले शिक्षा ऋण में कमी किए जाने की खबर तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है और उनके लिए बेहतर विकल्पों की व्यवस्था की गई है।

श्री टाईगर ने कहा कि बिहार सरकार पहले चार लाख तक की ऋण की सुविधा प्रदान कर रही थी, जिसका रूप परिवर्तित हुआ है और पहले से बेहतर विकल्प उपलब्ध कराए गये हैं।

इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव ने बयान जारी कर कहा है कि अब 2 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं दो से 4 लाख तक की वित्तीय सहायता अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से ही 4 लाख तक की राशि उपलब्ध कराई जाती थी।

उच्च शिक्षा विभाग ने कहा है कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल और बैंकों से जोड़ने का उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए संस्थागत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

इसके साथ ही विद्यार्थियों को पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के माध्यम से 10 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रकार उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को पहले की तुलना में वित्तीय सहायता के अब अधिक विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।

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