, Sept. 8 -- उप विकास आयुक्त ने कक्षा-कक्षों का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया तथा उनकी पढ़ाई, कक्षा में शिक्षण-अधिगम गतिविधियों एवं अध्ययन संबंधी विषयों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय का सदुपयोग एवं शिक्षा के महत्व के संबंध में प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ा है। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए बच्चों को विषयों की बेहतर समझ विकसित करने के साथ-साथ उनकी जिज्ञासा एवं रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देना आवश्यक है।निरीक्षण के क्रम में उप विकास आयुक्त द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-02, पंचायत-सेमरा, थावे का भी औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान केंद्र की उपस्थिति पंजी एवं वास्तविक रूप से उपस्थित बच्चों की संख्या का मिलान किया गया।

जांच के क्रम में उपस्थिति पंजी में दर्ज बच्चों की संख्या की तुलना में केंद्र पर भौतिक रूप से बच्चों की उपस्थिति कम पाई गई। इस पर उप विकास आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अभिलेखों में दर्ज उपस्थिति एवं केंद्र पर वास्तविक उपस्थिति में किसी भी प्रकार का अंतर स्वीकार्य नहीं होगा।उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति होने पर जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को मीनू के अनुसार उपलब्ध कराई जाने वाली भोज्य सामग्रियों की भी जांच की गई। जांच में मसाला सामग्री में गड़बड़ी पाए जाने पर उप विकास आयुक्त द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए वरीय पदाधिकारी को प्रतिवेदित करने को कहा।उन्होंने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता, मात्रा एवं निर्धारित मीनू का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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