, Sept. 15 -- 17 सितम्बर से विभिन्न जिलों में संगीतमय एवं नुक्कड़ नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा, समर्पण एवं 'विकसित भारत-2047' का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। वहीं 2 अक्टूबर को पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा में विशेष मंचन होगा। मंत्री ने निर्देश दिये कि 'सेवा स्मरण' के अंतर्गत प्रत्येक जिले में लगभग 18-20 नाट्य टोलियों/नुक्कड़ नाट्य टोलियों की पहचान कर उन्हें कार्यक्रम से जोड़ा जाए। विद्यालयों में पीटीएम के अवसर पर भी प्रस्तुतियां आयोजित कर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को अभियान से जोड़ा जाए।
जिला, प्रखंड एवं ग्राम स्तर पर जनभागीदारी आधारित 'सेवा ज्योति यात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इसमें युवाओं एवं सांस्कृतिक दलों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। यात्रा के समापन स्थल पर जनकल्याणकारी योजनाओं, लाभार्थी संवाद एवं 'विकसित भारत-2047' के संकल्प से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भारत की विकास यात्रा की 25 प्रमुख योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली क्यूरेटेड किट तैयार की जाएगी। इसमें संबंधित योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी के साथ क्यूआर कोड भी शामिल होंगे। निर्धारित गणमान्य व्यक्तियों को यह किट उपलब्ध कराई जाएगी।
मंत्री ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कलाकारों, सांस्कृतिक दलों एवं अन्य सांस्कृतिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। साथ ही कार्यक्रमों का सोशल मीडिया, रील्स एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्ध लोक कला, लोक संगीत एवं लोक नाट्य परंपरा को 'सेवा संकल्प अभियान' से जोड़कर इसे व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से पूरी प्रतिबद्धता, सक्रियता एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
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