, April 10 -- इस अवसर पर डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि हर गांव में डेयरी कॉपरेटिव सोसाइटी की स्थापना और सभी पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र खोलने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए राज्य में प्रोटीनयुक्त पशुचारा बनाने की व्यवस्था की जा रही है। गाय और अन्य पशुओं को संतुलित आहार मिले, इसके लिए भी प्रयास किया जा रहा है। पशुओं का टीकाकरण भी शत-प्रतिशत हो, इसके लिए भी काम किया जा रहा है।
श्री अशोक ने कहा कि दूध और मछली के क्षेत्र में बिहार आत्मनिर्भर हो चुका है। सुधा के उत्पादों को विदेशों में भी निर्यात किया जा रहा है, इसे अब व्यापक स्तर पर करने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में हमने अच्छी उपलब्धियां हासिल की है। आज नौ लाख टन के करीब उत्पादन किया जा चुका हैं। उन्होंने बताया कि दस साल पहले राज्य नौवें स्थान पर था, आज चौथे स्थान पर पहुंच गया है। मत्स्य के क्षेत्र में इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बिहार में फिशरीज कॉरपोरेशन और गोट फेडरेशन की स्थापना करने का प्रयास तेजी से किया जा रहा है। अच्छी गुणवत्ता का मांस लोगों को मिले इसके लिए भी फेडरेशन के माध्यम से कियोस्क सिस्टम लागू करने जा रहे हैं।
सचिव ने कहा कि हर गांव में सुधा बिक्री केंद्रों की स्थापना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि महिला रोजगार योजना से अच्छादित जीविका दीदियों से आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है। उनका चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। सुधा बिक्री केंद्र के लिए 80 वर्गफीट की दुकान मानक है। अन्य लोग भी कॉम्फेड के माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस मौके पर कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक श्री समीर सौरभ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
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