, May 12 -- मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि ग्रामीण सड़कें और पुल केवल यातायात का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति देनी है, किसानों की आय बढ़ानी है और स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं की पहुंच को मजबूत करना है, तो सुदृढ़ सड़क संपर्कता का विस्तार जरुरी है।
मंत्री ने निर्माण कार्यों को आधुनिक बनाने के लिए मंत्री ने एआई के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे एआई आधारित तकनीकी माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी को और अधिक बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कंट्रोल रूम के माध्यम से कार्य में पारदर्शिता लाने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने राज्य के स्थानीय संवेदकों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि बिहार के ठेकेदारों को विभागीय निविदाओं में ज्यादा मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवेदकों से फीडबैक प्राप्त करने की व्यवस्था भी विकसित की जाए।
मंत्री ने आगामी तीन महीने के लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्देश दिये कि सभी अपूर्ण सड़कों का निर्माण कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए। आगामी बरसात के मद्देनजर बाढ़ प्रभावित होने वाली सड़कों के त्वरित अनुरक्षण और मरम्मत के लिए उन्होने विभाग को तैयार रहने के निर्देश दिये।उन्होंने सड़कों की गुणवत्ता में सुधार, तय समय-सीमा के भीतर योजनाओं को पूर्ण करने और सीमित सरकारी संसाधनों के सदुपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जिन बसावटों में जहां विशेष रूप से कमजोर वर्ग और मिश्रित आबादी रहती है और जहां मुख्य रूप से भूमि विवाद या अन्य कारणों से अबतक संपर्क पथ नहीं बन पाया है, उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर मुख्य मार्गों से जोड़ा जाए।
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